RBI के फैसले से पहले बचत करने वालों की नजर ब्याज दरों पर, repo rate hike की उम्मीद; PPF और SSY की दरें स्थिर
RBI की Monetary Policy Committee 7 अक्टूबर को ब्याज दरों पर फैसला सुनाएगी और ज्यादातर अर्थशास्त्री repo rate में 25 basis points बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहे हैं। इस बीच सरकार ने अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए small savings schemes की दरें नहीं बदलीं।

7 अक्टूबर को आएगा RBI का फैसला
मुंबई, 6 अक्टूबर 2026: Reserve Bank of India (RBI) की छह सदस्यीय Monetary Policy Committee (MPC) की बैठक 5 से 7 अक्टूबर तक चल रही है और नीतिगत फैसले का ऐलान बुधवार, 7 अक्टूबर को होगा। Governor Sanjay Malhotra की अगुवाई में होने वाली इस घोषणा पर कर्ज लेने वालों के साथ-साथ Fixed Deposit (FD) और दूसरी बचत योजनाओं में पैसा लगाने वालों की भी नजर है।
फिलहाल repo rate 5.25% है। RBI ने 2025 में कुल 125 basis points की कटौती के बाद पिछली चार समीक्षाओं में दर में कोई बदलाव नहीं किया है।
क्यों बढ़ रही है rate hike की उम्मीद?
Reuters के एक poll में 61 में से 35 अर्थशास्त्रियों ने भी 25 basis points की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया है। अगर ऐसा होता है तो यह February 2023 के बाद पहली बढ़ोतरी होगी, जब repo rate 6.5% किया गया था।
विशेषज्ञ इसकी वजह बढ़ती महंगाई, ऊर्जा की ऊंची कीमतें, West Asia संकट, रुपये में कमजोरी और दुनिया के कुछ बड़े central banks द्वारा दरें बढ़ाने को बता रहे हैं। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 7.8% की मजबूत GDP growth ने भी RBI को सख्ती की गुंजाइश दी है।
Kotak Mahindra AMC के Abhishek Bisen को अक्टूबर में neutral stance के साथ 25 bps hike और अगले 12-15 महीनों में कुल 50-75 bps की सख्ती की उम्मीद है।
FD निवेशकों के लिए क्या मायने?
Repo rate बढ़ने पर आम तौर पर बैंकों के कर्ज महंगे होते हैं और EMI बढ़ती है। वहीं जमा पर ब्याज दरें भी ऊपर जाने की संभावना बनती है, जिससे FD में पैसा लगाने वालों को बेहतर रिटर्न मिल सकता है।
हालांकि बैंक FD दरों में बदलाव अपने स्तर पर और अलग-अलग समय पर करते हैं, इसलिए निवेशकों को RBI के फैसले के बाद बैंकों की नई दरों पर नजर रखनी चाहिए।
BASIC Home Loan के Atul Monga का मानना है कि दरें बढ़ने से कर्ज की लागत पर मामूली असर पड़ेगा, लेकिन इससे घरों की मांग पर बड़ा फर्क नहीं पड़ेगा। यानी कर्ज लेने वालों के लिए झटका सीमित रह सकता है, जबकि जमाकर्ताओं को धीरे-धीरे फायदा मिल सकता है।
Small savings schemes की दरें नहीं बदलीं
वित्त मंत्रालय ने 30 सितंबर को अक्टूबर-दिसंबर 2026 तिमाही के लिए small savings schemes की ब्याज दरों को पहले जैसा ही रखा। ये दरें 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक लागू रहेंगी।
- Public Provident Fund (PPF): 7.1%
- Sukanya Samriddhi Yojana (SSY): 8.2%
- Senior Citizen Savings Scheme (SCSS): 8.2%
- National Savings Certificate (NSC): 7.7%
- Post Office Monthly Income Scheme: 7.4%
- Kisan Vikas Patra: 7.5%
- Post Office Time Deposit: 1 साल 6.9%, 2 साल 7.0%, 3 साल 7.1%, 5 साल 7.5%
- 5 साल का Recurring Deposit: 6.7%
आगे क्या
7 अक्टूबर को RBI के ऐलान के बाद बैंकों की loan और deposit दरों में बदलाव की तस्वीर साफ होगी। Small savings schemes की अगली समीक्षा जनवरी-मार्च 2027 तिमाही से पहले होगी।
बचत करने वालों के लिए अगले कुछ दिन अहम हैं, क्योंकि ब्याज दरों का रुख उनकी FD और दूसरी निवेश योजनाओं के रिटर्न को सीधे प्रभावित करेगा।
Frequently asked questions
RBI का नीतिगत फैसला कब आएगा?
MPC की बैठक 5 से 7 अक्टूबर तक है और फैसला 7 अक्टूबर 2026 को घोषित होगा।
अभी repo rate कितना है?
फिलहाल repo rate 5.25% है।
अर्थशास्त्री क्या उम्मीद कर रहे हैं?
ज्यादातर अर्थशास्त्री repo rate में 25 basis points बढ़ोतरी कर इसे 5.50% किए जाने की उम्मीद कर रहे हैं।
अक्टूबर-दिसंबर 2026 में PPF और SSY पर कितना ब्याज मिलेगा?
PPF पर 7.1% और Sukanya Samriddhi Yojana पर 8.2% ब्याज मिलेगा।
RBI की बढ़ोतरी से FD पर क्या असर हो सकता है?
Repo rate बढ़ने पर बैंकों की FD दरें भी बढ़ने की संभावना रहती है, लेकिन बदलाव हर बैंक अपने स्तर पर तय करता है।
Sources
- The Daily Jagran — RBI MPC Oct 2026: Why A Rate Hike Could Be Inevitable And What It Means For Homebuyers, EMIs
- Business Standard (search snippet) — RBI MPC meet from Oct 5-7: Will RBI hike the repo rate this time?
- Angel One — Finance Minister Announces Small Savings Interest Rates for October-December 2026 Quarter
- StableInvestor — Small Savings Scheme Rates Oct-Dec 2026
- Photo: File:Mumbai, reserve bank of india 02.jpg — Sailko, CC BY 3.0 (Wikimedia Commons)
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