Sikkim को 2027 तक मिलेगी पहली rail connectivity, Sivok-Rangpo line 75% पूरी; Gangtok तक 34 km link पर तेज़ी
Sikkim को पहली बार rail network से जोड़ने वाली 44.5 km लंबी Sivok-Rangpo line का करीब 75% काम पूरा हो गया है और इसे दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। Railways अब करीब ₹9,000 करोड़ की Rangpo-Gangtok line पर भी तेज़ी से काम आगे बढ़ा रहा है।

Sikkim के rail सपने को मिल रही रफ्तार
गंगटोक, 6 अक्टूबर 2026: देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल Sikkim, जहां अब तक कोई railway line नहीं पहुंची है, जल्द ही rail map पर आ सकता है। Times of India की रिपोर्ट के मुताबिक Sivok-Rangpo railway project ने करीब 75% physical progress हासिल कर ली है और इसे दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके साथ ही Indian Railways ने राज्य की राजधानी Gangtok को rail network से जोड़ने के लिए प्रस्तावित 34 km लंबी Rangpo-Gangtok line को प्राथमिकता देनी शुरू कर दी है।
Sivok-Rangpo project की अहम बातें
यह line West Bengal के Darjeeling जिले में Sivok को East Sikkim के Rangpo से जोड़ेगी। करीब ₹17,124 करोड़ की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना की कुल लंबाई 44.96 km है, जिसमें 41.55 km हिस्सा West Bengal में और 3.41 km Sikkim में पड़ता है।
कठिन Himalayan भूभाग के कारण परियोजना में देरी हुई है। पूरे रास्ते का लगभग 86%, यानी 38.623 km हिस्सा tunnels से होकर गुजरेगा। बाकी हिस्से में करीब 2.24 km यानी लगभग 5% alignment पुलों पर है, जबकि 4.79 km यानी करीब 9% हिस्से में station yards के लिए खुदाई और भराई का काम शामिल है। tunnelling के लिए New Austrian Tunnelling Method (NATM) अपनाई गई है। यह परियोजना देश में निर्माणाधीन प्रतिष्ठित national projects में गिनी जाती है।
- कुल tunnels: 14, सबसे लंबी 5.30 km और सबसे छोटी 538 मीटर
- बड़े पुल: 13, छोटे पुल: 10
- कुल लंबाई: 44.96 km, Sikkim में 3.41 km
- प्रस्तावित stations: Sivok, Riyang, Melli, Rangpo और Teesta Bazar पर एक underground halt
Gangtok तक line क्यों अहम
Rangpo-Gangtok प्रस्ताव को हाल ही में PM GatiShakti National Master Plan के तहत काम करने वाले Integrated Multimodal Network Planning Group (NPG) ने विचार के लिए लिया है। अधिकारियों के मुताबिक इस चरण में प्रस्ताव का आकलन इस मकसद से किया जा रहा है कि Sivok-Rangpo line चालू होते ही अगले हिस्से का काम बिना लंबे अंतराल के शुरू हो सके।
Railways का लक्ष्य पूर्वोत्तर के सभी राज्यों की राजधानियों को rail से जोड़ना है; फिलहाल इस क्षेत्र की चार राज्य राजधानियों में rail connectivity है।
पर्यटन और आपूर्ति को मिलेगा फायदा
rail line पूरी होने से Sikkim तक जरूरी सामान की आपूर्ति ज्यादा भरोसेमंद होने की उम्मीद है। अभी राज्य मुख्य रूप से सड़क मार्ग पर निर्भर है। rail link से लंबी दूरी की trains चलाना भी संभव होगा, जिससे राज्य देश के दूसरे हिस्सों से सीधे जुड़ सकेगा।
अधिकारियों का मानना है कि इससे पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि Gangtok तक पहुंचना यात्रियों और माल ढुलाई दोनों के लिए आसान हो जाएगा।
आगे क्या
अब Railways की प्राथमिकता Sivok-Rangpo line को तय समय, यानी 2027 के अंत तक पूरा करने की है। साथ ही Rangpo-Gangtok link का आकलन NPG स्तर पर आगे बढ़ेगा। दोनों हिस्से पूरे होने पर Sikkim पूर्वोत्तर का अगला ऐसा राज्य बन जाएगा, जिसकी राजधानी rail से जुड़ी होगी।
Frequently asked questions
Sivok-Rangpo rail line कब तक पूरी होगी?
इसे दिसंबर 2027, यानी 2027 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है; अभी करीब 75% काम हुआ है।
इस परियोजना की लागत कितनी है?
Sivok-Rangpo line की अनुमानित लागत ₹17,124 करोड़ है।
Rangpo-Gangtok line कितनी लंबी होगी?
प्रस्तावित Rangpo-Gangtok link करीब 34 km लंबा है और इसकी अनुमानित लागत लगभग ₹9,000 करोड़ है।
Sivok-Rangpo line में कितनी tunnels हैं?
इसमें 14 tunnels हैं और रास्ते का करीब 86% हिस्सा tunnels से होकर गुजरेगा।
इस line पर कौन से stations होंगे?
Sivok, Riyang, Melli, Rangpo और Teesta Bazar पर एक underground halt station प्रस्तावित है।
Sources
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