पंजाब CM Bhagwant Mann के कैंप ऑफिस पर CBI की छापेमारी, High Court के आदेश के बाद OSD Rajbir Ghuman समेत 6 पर FIR
Punjab and Haryana High Court के आदेश के एक दिन बाद CBI ने CM Bhagwant Mann के OSD Rajbir Singh Ghuman समेत छह लोगों पर भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया और कैंप ऑफिस सहित 8 जगहों पर तलाशी ली। Mann ने इसे BJP की चुनावी तैयारी बताया।

CM ऑफिस से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में CBI की कार्रवाई
चंडीगढ़, 6 अक्टूबर 2026: Punjab and Haryana High Court के आदेश के एक दिन बाद CBI ने मंगलवार को पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के दफ्तर से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों में केस दर्ज कर लिया। एजेंसी ने चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री के कैंप ऑफिस और उनके Officer on Special Duty (OSD) Rajbir Singh Ghuman के घर पर तलाशी ली।
Ghuman के आवास पर कार्रवाई शाम करीब 6:15 बजे शुरू हुई। CBI ने बताया कि FIR में दो लोक सेवकों, बिचौलियों और सहयोगियों सहित कुल छह लोगों को नामजद किया गया है।
FIR में क्या आरोप हैं?
CBI के आधिकारिक बयान के मुताबिक जांच इस आरोप पर है कि OSD और उनके सहयोगियों ने पैसों के बदले IAS और IPS अधिकारियों की पोस्टिंग, विभागीय कार्यवाही, नीति निर्माण, टेंडर की शर्तों, लाइसेंस, land use conversion और जमीन से जुड़े मामलों को प्रभावित किया।
बयान में यह भी कहा गया कि आरोपी लोक सेवकों ने सरकारी आदेशों और नीति पत्रों के मसौदे जारी होने से पहले ही निजी लोगों तक पहुंचाए। FIR में Rajbir Ghuman के अलावा Nitin Gohal, Jitin Gohal उर्फ Raja और Romi Raja Mahajan के नाम सामने आए हैं।
ED की जानकारी से शुरू हुआ मामला
यह मामला Enforcement Directorate (ED) के आरोपों से जुड़ा है। ED का आरोप है कि Nitin Gohal सरकारी काम कराने के इच्छुक लोगों और OSD Ghuman के बीच बिचौलिए की भूमिका निभा रहा था। आरोपों में तबादले, गोपनीय सरकारी दस्तावेजों तक पहुंच और arms licence दिलाने में मदद जैसी बातें शामिल हैं।
ED ने अपनी जानकारी Punjab DGP के साथ साझा की थी, लेकिन FIR दर्ज न होने पर advocate Nikhil Saraf ने High Court में जनहित याचिका दायर की। Ghuman और उनके सहयोगी पहले इन आरोपों को निराधार बता चुके हैं।
High Court ने क्या कहा था?
Chief Justice Ashwani Kumar Mishra और Justice Rohit Kapoor की बेंच ने 5 अक्टूबर को कहा कि ED की सामग्री पहली नजर में एक उच्च सार्वजनिक पद से जुड़े गंभीर अपराधों की ओर इशारा करती है। अदालत ने पुलिस की धीमी कार्रवाई पर सवाल उठाए और कहा कि केवल प्रारंभिक जांच काफी नहीं, बल्कि FIR और विधिवत जांच जरूरी है।
कोर्ट ने यह भी नोट किया कि Ghuman को पुलिस की प्रारंभिक जांच में शामिल ही नहीं किया गया था। पंजाब सरकार इस आदेश के खिलाफ Supreme Court पहुंच चुकी है।
"BJP हमें लोगों से मिल रहे प्यार से घबरा गई है" — मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने X पर लिखा कि अब पंजाब में ED और CBI का दुरुपयोग किया जाएगा।
सियासी प्रतिक्रिया तेज
Mann ने आरोप लगाया कि छापेमारी 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले BJP की तैयारी का हिस्सा है। वहीं BJP नेता Sunil Jakhar ने कहा कि CBI को केंद्र सरकार ने नहीं, बल्कि High Court ने जांच का आदेश देकर भेजा है।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और Congress नेता Partap Singh Bajwa ने भी कैंप ऑफिस पर हुई कार्रवाई को लेकर AAP सरकार पर निशाना साधा।
आगे क्या
Supreme Court ने पंजाब सरकार की याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति दी है और मामला इसी सप्ताह सूचीबद्ध है। तब तक CBI जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों और दस्तावेजों की जांच आगे बढ़ाएगी। ये आरोप अभी जांच के दायरे में हैं और किसी पर दोष साबित नहीं हुआ है।
Frequently asked questions
CBI ने किसके खिलाफ केस दर्ज किया है?
CBI ने CM Bhagwant Mann के OSD Rajbir Singh Ghuman समेत छह लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है, जिनमें दो लोक सेवक, बिचौलिए और सहयोगी शामिल हैं।
छापेमारी कहां-कहां हुई?
चंडीगढ़, Mohali, Gurdaspur, Ludhiana, Patiala, Sangrur और Jalandhar में 8 ठिकानों पर, जिसमें CM का कैंप ऑफिस भी शामिल है।
CBI जांच का आदेश किसने दिया?
Punjab and Haryana High Court ने 5 अक्टूबर को advocate Nikhil Saraf की जनहित याचिका पर CBI को केस दर्ज कर जांच का आदेश दिया।
मुख्यमंत्री Mann ने क्या कहा?
Mann ने कहा कि BJP पंजाब चुनाव की तैयारी कर रही है और ED-CBI का दुरुपयोग सरकार को बदनाम करने के लिए होगा।
क्या पंजाब सरकार ने आदेश को चुनौती दी है?
हां, पंजाब सरकार High Court के आदेश के खिलाफ Supreme Court गई है और कोर्ट ने सुनवाई पर सहमति दी है।
Sources
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