CEC Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग तेज, दिल्ली में AAP-कांग्रेस का प्रदर्शन; कई प्रदर्शनकारी हिरासत में
Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में विपक्षी दलों और छात्र संगठनों का प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन तेज हुआ। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि voter-roll revision से मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं, जबकि Election Commission इन आरोपों को खारिज कर चुका है।

नई दिल्ली, 4 अक्टूबर 2026: Chief Election Commissioner (CEC) Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में राजनीतिक विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। रविवार को AAP, कांग्रेस से जुड़े कार्यकर्ताओं और छात्र संगठनों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि मतदाता सूची में चल रही Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों पर कार्रवाई की जाए और CEC इस्तीफा दें।
Reuters के अनुसार, दिल्ली और मुंबई में रविवार को हजारों युवा और विपक्ष समर्थक प्रदर्शनकारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि voter-roll revision के कारण बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए हैं। Election Commission और BJP ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि revision का उद्देश्य duplicate, मृत या अपात्र entries को हटाकर electoral rolls को बेहतर बनाना है।
दिल्ली में लगातार तीसरे दिन प्रदर्शन
दिल्ली में रविवार को CEC के खिलाफ विरोध प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने India Gate और Jantar Mantar की ओर मार्च करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग कर रास्ता रोका।
Times of India की रिपोर्ट के मुताबिक AAP, AISA और NSUI से जुड़े प्रदर्शनकारियों ने मार्च निकालने की कोशिश की। प्रदर्शन के दौरान कई लोगों को हिरासत में लिया गया।
Saurabh Bhardwaj भी हिरासत में लिए गए
AAP की दिल्ली इकाई के प्रमुख Saurabh Bhardwaj भी रविवार के प्रदर्शन में शामिल हुए। The Statesman के मुताबिक उन्हें India Gate की ओर बढ़ रहे AAP कार्यकर्ताओं के साथ हिरासत में लिया गया।
Bhardwaj ने पुलिस पर उनके साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया। इससे पहले भी वह CEC के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जा चुके हैं।
कांग्रेस ने भी किया प्रदर्शन का ऐलान
कांग्रेस ने भी रविवार को दिल्ली में नया विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की घोषणा की। पार्टी के मुताबिक कार्यकर्ता India Gate पर एकत्र होकर Jantar Mantar की ओर मार्च करेंगे।
कांग्रेस CEC Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार विरोध कर रही है। पार्टी ने voter-roll revision को लेकर भी Election Commission से सवाल पूछे हैं।
विपक्ष का क्या है आरोप?
विपक्षी दलों का आरोप है कि Special Intensive Revision के दौरान मतदाता सूची से बड़ी संख्या में लोगों के नाम हटाए जा सकते हैं। विपक्ष का कहना है कि इससे पात्र मतदाताओं के मतदान के अधिकार पर असर पड़ सकता है।
प्रदर्शनकारियों का यह भी आरोप है कि voter-roll revision का राजनीतिक प्रभाव हो सकता है और इससे सत्तारूढ़ BJP को फायदा पहुंच सकता है। हालांकि ये विपक्ष के आरोप हैं और Election Commission तथा BJP ने इन्हें खारिज किया है।
मतदाता सूची में बदलाव को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है और इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़कर देख रहा है।
Election Commission ने क्या कहा?
Election Commission का कहना है कि voter-roll revision का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाना है। आयोग के अनुसार प्रक्रिया के तहत duplicate, मृत और अपात्र entries को हटाने का काम किया जा रहा है।
Reuters के मुताबिक, आयोग ने शुक्रवार को अपने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अगर कोई पात्र मतदाता गलती से सूची से बाहर रह गया है, तो उसे register किया जाए।
मुंबई में भी विपक्ष का बड़ा प्रदर्शन
दिल्ली के साथ महाराष्ट्र में भी CEC के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुआ। Shiv Sena (UBT) प्रमुख Uddhav Thackeray और Maharashtra Navnirman Sena (MNS) प्रमुख Raj Thackeray ने मुंबई में संयुक्त प्रदर्शन का नेतृत्व किया।
Indian Express के अनुसार, प्रदर्शन में कांग्रेस और Sharad Pawar-led NCP (SP) के नेताओं ने भी समर्थन दिया। प्रदर्शनकारियों ने CEC के इस्तीफे और Maharashtra में SIR प्रक्रिया को रोकने की मांग की।
Raj Thackeray ने EVM को लेकर भी उठाया सवाल
मुंबई के प्रदर्शन में Raj Thackeray ने voter-list revision के साथ electronic voting machines यानी EVM को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने चुनावों में पारदर्शिता के लिए ballot papers की वापसी की मांग की।
हालांकि EVM को लेकर लगाए जाने वाले राजनीतिक आरोपों और चुनावी प्रक्रिया पर आधिकारिक संस्थाओं के रुख को अलग-अलग देखना जरूरी है।
6 अक्टूबर को Election Commission तक मार्च
विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर आगे भी संयुक्त प्रदर्शन जारी रखने की योजना बनाई है। Reuters के मुताबिक opposition parties का alliance 6 अक्टूबर को Election Commission के कार्यालय तक मार्च करने की योजना बना रहा है।
इसके अलावा आने वाले दिनों में दिल्ली में अन्य राजनीतिक और छात्र संगठनों की ओर से भी प्रदर्शन की घोषणा की गई है।
विरोध प्रदर्शन क्यों बढ़ रहा है?
इस विवाद के पीछे मुख्य मुद्दा voter-roll revision और चुनावी प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की आपत्तियां हैं। विपक्ष इसे मतदाताओं के अधिकार और चुनावी पारदर्शिता से जोड़ रहा है।
दूसरी ओर Election Commission का कहना है कि मतदाता सूची को साफ और सही रखना जरूरी है, ताकि duplicate या अपात्र entries चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित न करें।
दिल्ली की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा?
CEC को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब राष्ट्रीय राजनीतिक मुद्दे का रूप लेता दिखाई दे रहा है। AAP, कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दल इस मुद्दे पर अलग-अलग स्तर पर प्रदर्शन कर रहे हैं।
दिल्ली में लगातार विरोध प्रदर्शन होने से आने वाले दिनों में राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। खास तौर पर 6 अक्टूबर के प्रस्तावित मार्च पर राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर नजर रहेगी।
- विपक्ष CEC के इस्तीफे की मांग कर रहा है।
- SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं।
- Election Commission ने voter-roll revision को electoral integrity से जोड़ा है।
- दिल्ली और मुंबई में प्रदर्शन हुए हैं।
- 6 अक्टूबर को Election Commission कार्यालय तक मार्च की योजना है।
निष्कर्ष
Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली और मुंबई में विपक्षी प्रदर्शन तेज हो गए हैं। रविवार को दिल्ली में AAP, कांग्रेस और छात्र संगठनों से जुड़े प्रदर्शनकारियों ने मार्च निकालने की कोशिश की, जिसके दौरान कई लोगों को हिरासत में लिया गया।
विपक्ष voter-roll revision को लेकर गंभीर सवाल उठा रहा है और इसे मतदाताओं के अधिकार से जोड़ रहा है। वहीं Election Commission का कहना है कि revision का उद्देश्य duplicate, मृत और अपात्र entries को हटाकर मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाना है।
आने वाले दिनों में यह मुद्दा और राजनीतिक रूप ले सकता है, खासकर 6 अक्टूबर को प्रस्तावित विपक्षी मार्च के कारण।
CEC के इस्तीफे और voter-roll revision को लेकर जारी विवाद अब दिल्ली से आगे राष्ट्रीय राजनीति का महत्वपूर्ण मुद्दा बनता जा रहा है।
Sources
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