Himachal High Court ने Jubbal-Kotkhai में anti-hail guns पर लगाई एक साल की रोक, बागवानों की शिकायत को माना सही
Himachal Pradesh High Court ने Shimla जिले के Deorighat और Bareonghat में लगी दो anti-hail guns का संचालन कम से कम एक साल के लिए रोकने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 8 दिसंबर को होगी।

Apple belt में anti-hail guns पर High Court सख्त
शिमला, 5 अक्टूबर 2026: Himachal Pradesh High Court ने Shimla जिले के Jubbal-Kotkhai क्षेत्र में लगी anti-hail guns के इस्तेमाल पर कम से कम एक साल की रोक लगा दी है। अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि Deorighat और Bareonghat गांवों में लगी दो anti-hail guns को अगले आदेश तक न चलाया जाए।
Chief Justice GS Sandhawalia और Justice Bipin C Negi की Division Bench ने यह निर्देश दिया। यह मामला एक public interest litigation (PIL) के रूप में चल रहा है, जिस पर कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया था।
शिकायत क्या थी?
यह PIL Rohru के Bhamnoli गांव के एक निवासी की ओर से भेजे गए पत्र से शुरू हुई। पत्र में पर्यावरण, पारिस्थितिकी और जन सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं का हवाला देते हुए राज्य में anti-hail guns पर तत्काल प्रतिबंध या रोक की मांग की गई थी।
शिकायत का मुख्य आरोप यह था कि इन guns के इस्तेमाल से बादल बगीचों के दूसरे हिस्सों की ओर धकेल दिए जाते हैं, जिससे आसपास के इलाकों में भारी बारिश और ओलावृष्टि होती है।
Director of Horticulture के affidavit से मिला आधार
Bench ने पाया कि Director of Horticulture के affidavit में दर्ज है कि hail-control system के एक घंटे से अधिक समय तक चलने के दौरान भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। अदालत ने इसी आधार पर माना कि शिकायत में उठाई गई चिंताएं सही साबित होती दिख रही हैं।
अदालत ने कहा कि रोक के दौरान यह भी बताया जाए कि guns बंद रहने से Deorighat और Bareonghat के आसपास के इलाकों को फायदा हुआ या नहीं।
Nauni University की स्टडी में लगेंगे चार साल
राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि इन दोनों guns के असर पर Dr YS Parmar University of Horticulture and Forestry, Nauni (Solan) अध्ययन कर रही है, जिसके निश्चित निष्कर्ष तक पहुंचने में कम से कम चार साल और लगेंगे। High Court ने यूनिवर्सिटी को भी मामले में पक्षकार बनाकर नोटिस जारी किया है।
कोर्ट का कहना है कि रिपोर्ट आने तक guns का उपयोग कम से कम एक साल के लिए बंद रहे।
बागवानों के लिए क्यों अहम है मामला?
Himachal के apple belt, खासकर Shimla जिले में, anti-hail guns का इस्तेमाल फलों को ओलों से बचाने के लिए किया जाता है। ये उपकरण आसमान की ओर तेज shock waves भेजते हैं, जिनका उद्देश्य ओले बनने की प्रक्रिया को बाधित करना होता है। कई बागवान इन्हें फसल सुरक्षा का अहम साधन मानते हैं, जबकि शिकायतकर्ता पक्ष इन्हें पड़ोसी इलाकों के लिए नुकसानदेह बताता है।
- Deorighat और Bareonghat की दो guns पर रोक।
- रोक कम से कम एक साल या अगले आदेश तक।
- Nauni University को पक्षकार बनाकर नोटिस।
- अगली सुनवाई 8 दिसंबर को।
आगे क्या
मामले की अगली सुनवाई 8 दिसंबर को होगी। तब तक राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि दोनों guns न चलाई जाएं। साथ ही सरकार को यह जवाब भी दाखिल करना है कि guns बंद रहने से आसपास के इलाकों को कोई लाभ हुआ या नहीं। Nauni University की ओर से भी जवाब आने की उम्मीद है।
Frequently asked questions
High Court ने anti-hail guns पर क्या आदेश दिया?
कोर्ट ने Deorighat और Bareonghat में लगी दो anti-hail guns का संचालन कम से कम एक साल के लिए रोकने का आदेश दिया।
यह आदेश किस Bench ने दिया?
Chief Justice GS Sandhawalia और Justice Bipin C Negi की Division Bench ने।
guns के खिलाफ शिकायत क्या थी?
शिकायत थी कि guns के कारण बादल आसपास के बगीचों की ओर धकेले जाते हैं, जिससे वहां भारी बारिश और ओलावृष्टि होती है।
इन guns पर कौन अध्ययन कर रहा है?
Dr YS Parmar University of Horticulture and Forestry, Nauni, Solan, जिसकी स्टडी में कम से कम चार साल और लगेंगे।
अगली सुनवाई कब है?
मामले की अगली सुनवाई 8 दिसंबर को होगी।
Sources
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