शेयर बाजार में सोमवार को फिर हलचल के आसार, RBI का फैसला और FII बिकवाली तय करेगी Nifty-Sensex की दिशा
भारतीय शेयर बाजार में लगातार कमजोरी के बाद सोमवार को निवेशकों की नजर RBI की बैठक, FII बिकवाली, कच्चे तेल और वैश्विक संकेतों पर रहेगी। Nifty और Sensex के लिए अगले सप्ताह बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ने की संभावना है।

मुंबई, 4 अक्टूबर 2026: भारतीय शेयर बाजार में लगातार कमजोरी के बाद अब निवेशकों की नजर नए कारोबारी सप्ताह पर है। सोमवार 5 अक्टूबर को Nifty और Sensex की चाल कई बड़े घरेलू और वैश्विक संकेतों से प्रभावित हो सकती है। इनमें RBI की मौद्रिक नीति बैठक, विदेशी निवेशकों की बिकवाली, कच्चे तेल की कीमत, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और कंपनियों के तिमाही नतीजे प्रमुख हैं।
पिछले कारोबारी सत्र में Sensex 570.59 अंक गिरकर 71,909.70 पर बंद हुआ था, जबकि Nifty 198.50 अंक टूटकर 22,421.95 पर आ गया। दोनों प्रमुख सूचकांकों में लगातार चौथे सत्र गिरावट दर्ज हुई।
लगातार कमजोरी के बाद बाजार के सामने नई चुनौती
सितंबर और अक्टूबर की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए कमजोर रही है। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली, ऊंची बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों ने बाजार की चिंता बढ़ाई है।
रिपोर्ट के अनुसार सितंबर में Nifty में करीब 6.7 फीसदी की गिरावट आई और विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों में करीब 3.75 अरब डॉलर की बिकवाली की।
सोमवार को किन संकेतों पर रहेगी नजर?
5 अक्टूबर को बाजार खुलने के बाद निवेशकों की नजर कई महत्वपूर्ण factors पर रहेगी।
- RBI Monetary Policy: RBI की MPC बैठक 5 से 7 अक्टूबर तक चलेगी।
- Repo Rate: RBI का नीतिगत फैसला 7 अक्टूबर को आने वाला है।
- FII Activity: विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री बाजार की दिशा के लिए अहम रहेगी।
- Crude Oil: कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव भारतीय बाजार पर दबाव डाल सकता है।
- US Bond Yield: अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव से विदेशी पूंजी के प्रवाह पर असर पड़ सकता है।
- Q2 Results: सितंबर तिमाही के नतीजों का सीजन भी शुरू होने वाला है।
इन सभी factors के कारण अगले सप्ताह बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
Nifty के लिए 22,400 का स्तर क्यों महत्वपूर्ण?
पिछले सत्र में Nifty 22,421.95 पर बंद हुआ। बाजार विश्लेषकों के अनुसार 22,400-22,600 का क्षेत्र तकनीकी रूप से महत्वपूर्ण support zone बना हुआ है।
अगर Nifty इस क्षेत्र के ऊपर टिकता है तो short-term rebound की संभावना बन सकती है। वहीं इस support zone के नीचे निर्णायक गिरावट आने पर बाजार में और दबाव बढ़ सकता है।
कुछ विश्लेषकों ने 22,800 के आसपास शुरुआती upside level और उसके बाद 23,100-23,200 के क्षेत्र को resistance के रूप में देखा है। Mmint
मौजूदा बाजार में निवेशकों को जल्दबाजी के बजाय price action, risk और अपनी investment strategy को ध्यान में रखकर फैसला लेना चाहिए।
— बाजार विश्लेषण
Sensex के लिए भी अहम है support zone
Sensex शुक्रवार के बाद 71,909.70 के स्तर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान index 71,292.88 तक फिसल गया था, जो नया 52-week low था।
तकनीकी विश्लेषण के अनुसार 71,000-71,200 का क्षेत्र Sensex के लिए अहम support माना जा रहा है, जबकि 72,300-72,500 के आसपास resistance देखा जा रहा है।
RBI के फैसले से क्यों बदल सकती है बाजार की चाल?
RBI की Monetary Policy Committee की बैठक 5 से 7 अक्टूबर तक होनी है। बाजार की नजर इस बात पर रहेगी कि केंद्रीय बैंक महंगाई, आर्थिक विकास और ब्याज दरों को लेकर क्या संकेत देता है।
Reuters के एक हालिया सर्वे में करीब 60 फीसदी अर्थशास्त्रियों ने अक्टूबर की बैठक में 25 basis points की repo-rate बढ़ोतरी की उम्मीद जताई थी।
हालांकि, RBI का वास्तविक फैसला और उसके बाद Governor की commentary बाजार के लिए ज्यादा महत्वपूर्ण होगी।
कच्चे तेल की कीमत भी बनेगी बड़ा factor
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर कच्चे तेल का आयात करता है। इसलिए crude oil की कीमतों में तेज बढ़ोतरी से देश के import bill, inflation और कंपनियों की लागत पर असर पड़ सकता है।
हाल की बाजार रिपोर्टों में Brent crude के 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बने रहने को भारतीय equities के लिए चिंता का कारण बताया गया है।
अगर crude में तेजी जारी रहती है तो बाजार sentiment पर दबाव बना रह सकता है।
FII बिकवाली से बढ़ी चिंता
विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली इस समय बाजार की सबसे बड़ी चिंताओं में शामिल है। सितंबर के दौरान विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने बाजार पर दबाव बढ़ाया।
इसके उलट घरेलू संस्थागत निवेशकों ने बाजार को काफी हद तक support दिया है। सितंबर के आखिरी सप्ताह में DII खरीद करीब ₹76,030 करोड़ रही।
किन सेक्टरों पर नजर रहेगी?
नए सप्ताह में निवेशकों की नजर खासतौर पर बैंकिंग, IT, ऑटो, ऊर्जा और बड़े consumer stocks पर रह सकती है।
RBI के फैसले के कारण Banking और Financial stocks में ज्यादा movement देखने को मिल सकता है। वहीं crude oil में बदलाव का असर oil-dependent sectors पर पड़ सकता है।
IT कंपनियों के लिए अमेरिकी बाजार और रुपये की चाल भी महत्वपूर्ण होगी।
सितंबर तिमाही के नतीजे भी देंगे बाजार को दिशा
अक्टूबर में कंपनियों के September Quarter यानी Q2 FY27 के नतीजे आने शुरू होंगे। TCS 8 अक्टूबर को earnings season की शुरुआत करने वाली प्रमुख कंपनियों में शामिल है।
नतीजों में revenue growth, margins और management commentary पर निवेशकों की खास नजर रहेगी। मजबूत नतीजे कुछ चुनिंदा stocks में बाजार की कमजोरी के बावजूद तेजी ला सकते हैं।
आम निवेशक क्या करें?
मौजूदा बाजार में तेज उतार-चढ़ाव को देखते हुए छोटे निवेशकों के लिए risk management महत्वपूर्ण हो जाता है।
- बिना पूरी जानकारी के किसी stock में अचानक निवेश न करें।
- केवल बाजार की गिरावट देखकर खरीदारी न करें।
- अपनी investment horizon को ध्यान में रखें।
- ज्यादा जोखिम वाले trades में stop-loss का इस्तेमाल समझदारी से करें।
- कंपनी के fundamentals और valuation को भी देखें।
- जरूरी पैसे को equity market में लगाने से बचें।
सोमवार को बाजार खुलने से पहले क्या देखें?
5 अक्टूबर को बाजार खुलने से पहले निवेशकों को global markets, GIFT Nifty, crude oil, dollar-rupee और US bond yields के संकेतों पर नजर रखनी चाहिए।
इसके अलावा RBI policy meeting की शुरुआत और विदेशी निवेशकों की activity भी sentiment को प्रभावित कर सकती है।
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निष्कर्ष
भारतीय शेयर बाजार के लिए नया कारोबारी सप्ताह महत्वपूर्ण रहने वाला है। Nifty 22,400 के आसपास और Sensex 71,000-71,200 के क्षेत्र में अहम technical levels पर नजर रहेगी। वहीं RBI की policy meeting, FII flows, crude oil और global bond yields बाजार की दिशा तय करने वाले बड़े factors होंगे।
लगातार गिरावट के बाद बाजार में short-term rebound की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन विदेशी बिकवाली और global uncertainty के कारण volatility बनी रह सकती है।
निवेशकों को बाजार में किसी भी फैसले से पहले अपनी risk capacity और investment objective को ध्यान में रखना चाहिए।
Frequently asked questions
सोमवार 5 अक्टूबर को शेयर बाजार कैसा रह सकता है?
बाजार में volatility बनी रहने की संभावना है और Nifty-Sensex की दिशा RBI policy, FII flows, crude oil और global cues से प्रभावित हो सकती है।
Nifty का महत्वपूर्ण support level क्या है?
मौजूदा technical analysis में 22,400-22,600 का क्षेत्र महत्वपूर्ण support zone माना जा रहा है।
Sensex का अहम support level क्या है?
71,000-71,200 का क्षेत्र Sensex के लिए महत्वपूर्ण support zone माना जा रहा है।
RBI की Monetary Policy Meeting कब है?
RBI की MPC बैठक 5 से 7 अक्टूबर 2026 तक चलेगी और policy decision 7 अक्टूबर को आएगा।
क्या अभी शेयर खरीदना सही है?
किसी एक stock को खरीदने की सलाह नहीं दी जा सकती। निवेश का फैसला अपनी risk capacity, valuation और investment horizon के आधार पर करना चाहिए।
Sources
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