SIR पर Supreme Court में आज सुनवाई: Rahul Gandhi, Kharge समेत 11 विपक्षी नेताओं ने मांगा voter list revision पर रोक और deletions का audit
Rahul Gandhi, Mallikarjun Kharge और 9 अन्य विपक्षी नेताओं ने Supreme Court में याचिका दायर कर देशभर में चल रहे Special Intensive Revision (SIR) को रोकने और 13 करोड़ नाम हटाए जाने की जांच के लिए retired judge की अध्यक्षता में committee बनाने की मांग की है। मामला CJI Surya Kant की अगुवाई वाली तीन जजों की bench के सामने आने की उम्मीद है।

Supreme Court पहुंचा SIR विवाद
नई दिल्ली, 13 अक्टूबर 2026: Electoral rolls के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर चल रहा विवाद अब Supreme Court पहुंच गया है। Congress नेता Rahul Gandhi और Congress अध्यक्ष Mallikarjun Kharge समेत 11 विपक्षी नेताओं ने सोमवार को याचिका दायर कर देशभर में SIR को रोकने की मांग की है।
The Tribune की रिपोर्ट के मुताबिक, याचिका पर आज मंगलवार को CJI Surya Kant की अगुवाई वाली तीन जजों की bench सुनवाई कर सकती है। इसे SIR और Election Commission से जुड़ी दूसरी याचिकाओं के साथ सुना जाना है।
किन नेताओं ने दायर की याचिका?
Rahul Gandhi और Mallikarjun Kharge के अलावा याचिकाकर्ताओं में ये नेता शामिल हैं:
- Saugata Roy (TMC)
- Akhilesh Yadav (Samajwadi Party)
- Tejashwi Yadav (RJD)
- Supriya Sule (NCP-SP)
- Sanjay Raut (Shiv Sena-UBT)
- D Raja (CPI)
- Mahua Majhi (JMM)
- MA Baby (CPI(M))
- ET Mohammed Basheer (IUML)
याचिका में Election Commission, मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) Gyanesh Kumar और Election Commissioners Sukhbir Singh Sandhu व Vivek Joshi को पक्षकार बनाया गया है।
याचिका में क्या मांगा गया?
विपक्षी नेताओं ने कोर्ट से कई अहम मांगें रखी हैं:
- सभी राज्यों में SIR पर रोक लगाई जाए।
- Retired Supreme Court judge की अध्यक्षता में technical experts वाली committee बने, जो voter deletions का audit करे, electoral-roll databases तक access की जांच करे और EVM प्रक्रियाओं की समीक्षा करे।
- किसी भी वोटर का नाम ‘prior notice और सुनवाई का मौका दिए बिना’ न हटाया जाए।
- हटाए गए नामों की booth-wise सूची कारण, gender और age के साथ प्रकाशित हो और नाम वापस जुड़वाने की व्यवस्था बने।
- Punjab और दूसरे चुनावी राज्यों में योग्य वोटरों को आखिरी तारीख तक नाम जुड़वाने की अनुमति मिले।
याचिका में Commission की files, minutes, notings, ECINET और ERONET के access logs, और 24 जून 2025 को देशव्यापी SIR शुरू करने के फैसले से जुड़ी file पेश करने की मांग भी की गई है।
याचिका में यह भी पूछा गया है कि क्या Commission के फैसले Article 324, 2023 के CEC Act की Section 18 और 1995 के TN Seshan फैसले के अनुरूप थे।
CJI ने मिलने से किया था इनकार
यह याचिका उस घटनाक्रम के एक दिन बाद दायर हुई, जब CJI Surya Kant ने SIR और ‘vote chori’ आरोपों पर चर्चा के लिए Rahul Gandhi और Mallikarjun Kharge से मिलने से इनकार कर दिया था। The Tribune के मुताबिक CJI ने कहा था कि मामले कोर्ट में लंबित हैं, इसलिए ऐसी मुलाकात ‘inappropriate’ होगी।
Election Commission का पक्ष
ABC News की रिपोर्ट के अनुसार, voter lists से 13 करोड़ से ज्यादा नाम हटाए गए हैं। Al Jazeera के मुताबिक BJP का कहना है कि इनमें 2.8 करोड़ मृत, 6.3 करोड़ स्थानांतरित, 1 करोड़ duplicate और 3 करोड़ ऐसे वोटर हैं जिनका अधिकारी पता नहीं लगा सके। Election Commission किसी गड़बड़ी से इनकार करता है और कहता है कि जिनके नाम गलत तरीके से हटे हैं, वे दोबारा नाम दर्ज करा सकते हैं।
सड़कों पर भी जारी विरोध
Supreme Court में याचिका दायर होने से पहले सोमवार शाम Rahul Gandhi के नेतृत्व में हजारों लोगों ने संविधान की प्रति लेकर Supreme Court तक मार्च किया। विपक्ष और Cockroach Janta Party (CJP) से जुड़े युवा CEC Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
इससे पहले रविवार, 11 अक्टूबर को Justice Joymalya Bagchi और Justice V Mohana की bench ने विशेष बैठक में metro stations बंद करने और ट्रेनें रद्द करने के खिलाफ contempt petition और senior advocate Menaka Guruswamy की habeas corpus याचिका पर सुनवाई की थी।
निष्कर्ष
आज की सुनवाई तय करेगी कि देशभर में चल रहा SIR जारी रहेगा या उस पर अंतरिम रोक लगेगी। Nabh24 इस मामले में कोर्ट की हर कार्यवाही पर नजर रखे हुए है। सुनवाई का नतीजा आते ही यह खबर update की जाएगी।
Frequently asked questions
Supreme Court में SIR के खिलाफ याचिका किसने दायर की?
Rahul Gandhi, Mallikarjun Kharge और Akhilesh Yadav, Tejashwi Yadav, Supriya Sule, Sanjay Raut समेत 9 अन्य विपक्षी नेताओं ने याचिका दायर की है।
याचिका में मुख्य मांग क्या है?
सभी राज्यों में SIR पर रोक और retired Supreme Court judge की अध्यक्षता में committee बनाकर voter deletions का audit कराने की मांग है।
मामले की सुनवाई कौन सी bench करेगी?
रिपोर्ट्स के मुताबिक CJI Surya Kant की अगुवाई वाली तीन जजों की bench मंगलवार, 13 अक्टूबर को इसे दूसरी SIR याचिकाओं के साथ सुन सकती है।
SIR में कितने नाम हटाए गए हैं?
याचिका के अनुसार करीब 13 करोड़ नाम हटाए गए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक इनमें मृत, स्थानांतरित, duplicate और untraceable वोटर शामिल हैं।
गलत तरीके से नाम हटने पर क्या करें?
Election Commission का कहना है कि जिनके नाम गलती से हटे हैं, वे दोबारा नाम दर्ज करा सकते हैं।
Sources
- The Tribune — Halt SIR, form panel to audit voter deletions: Opposition in SC
- ABC News — New Delhi Supreme Court to hear petition alleging 'irregularities' in voter lists as protests continue
- LiveLaw — Supreme Court Sunday hearing against detentions & curbs during Delhi protests
- Al Jazeera — 'Not backing down': What next after India's crackdown on youth protesters?
- Photo: File:Supreme Court of India, inside buildings 01.jpg — Pinakpani, CC BY-SA 4.0 (Wikimedia Commons)
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