Gwalior Temple Accident: शीतला माता मंदिर के पास बेकाबू ट्रक ने श्रद्धालुओं को कुचला, 15 की मौत; CSP हटाए गए, 8 पुलिसकर्मी निलंबित, Google Maps से प्रतिबंधित रास्ते पर आया था ट्रक
ग्वालियर में चीनौर रोड पर शीतला माता मंदिर के पास रविवार तड़के 1:30 बजे धान से लदा ट्रक बैरिकेड तोड़कर दर्शन की कतार में खड़े श्रद्धालुओं पर चढ़ गया और मंदिर की दीवार से टकराया। 15 की मौत, करीब 28 घायल। CM मोहन यादव ने झांसी रोड CSP को हटाया, 8 पुलिसकर्मी निलंबित किए; चालक और मालिक धौलपुर से गिरफ्तार। मृतकों के परिवार को राज्य से ₹4 लाख और PMNRF से ₹2 लाख।

नवरात्र की रात दर्शन की कतार में खड़े श्रद्धालुओं पर काल बनकर गिरा ट्रक
ग्वालियर, 18 अक्टूबर 2026: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास शनिवार-रविवार की दरम्यानी रात धान से लदे एक बेकाबू ट्रक ने दर्शन के लिए कतार में खड़े श्रद्धालुओं को कुचल दिया। हादसे में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई और करीब 28 लोग घायल हैं, जिनमें दो पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। सात घायलों की हालत गंभीर बताई गई है।
ट्रक पुलिस के बैरिकेड तोड़ते हुए ढलान से नीचे उतरा, सड़क किनारे लगी दुकानों और श्रद्धालुओं को रौंदता हुआ मंदिर के प्रवेश द्वार और बाहरी दीवार से जा टकराया। टक्कर से दीवार का एक हिस्सा ढह गया और कई लोग मलबे में दब गए। मरने वालों की संख्या पहले 12, फिर 14 बताई गई थी, जो रविवार दोपहर तक बढ़कर 15 हो गई।
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कैसे हुआ हादसा
- समय और जगह: रविवार तड़के करीब 1:30 बजे, ग्वालियर जिले में चीनौर रोड पर शीतला माता मंदिर की ओर आने वाली ढलान के पास। नवरात्र के चलते सैकड़ों श्रद्धालु पैदल मंदिर जा रहे थे या सड़क किनारे की दुकानों के पास दर्शन के इंतजार में खड़े थे।
- प्रतिबंधित सड़क: नवरात्र मेले के नौ दिनों तक इस रास्ते पर भारी वाहनों का प्रवेश बंद रहता है। श्रद्धालुओं का कहना है कि आम तौर पर यहां मोटरसाइकिल तक को दुकानों के पास नहीं जाने दिया जाता।
- चेकपोस्ट पर रोका, फिर बैरिकेड तोड़े: ग्वालियर के SSP धर्मवीर सिंह के मुताबिक धान से भरा ट्रक चीनौर की ओर से उस खड़ी ढलान से आया, जहां भारी वाहन प्रतिबंधित थे। ट्रक को पुलिस चेकपोस्ट के पास रोका भी गया था, लेकिन वह बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ गया और ढलान पर उतरते समय बेकाबू हो गया।
- दीवार ने रोका ट्रक: ट्रक श्रद्धालुओं और दुकानों को कुचलता हुआ मंदिर के गेट और पुरानी बाहरी दीवार से टकराकर रुका। दीवार का हिस्सा गिरने से कई लोग उसके नीचे दब गए।
- दो ट्रक आए थे: शुरुआती जानकारी के मुताबिक धान से लदे दो ट्रक मंदिर के पीछे की तरफ पहुंचे थे। हादसे वाले ट्रक पर पंजाब का registration number था और वह पंजाब की ओर जा रहा था।
- बचाव: स्थानीय लोगों, श्रद्धालुओं और पुलिस ने मिलकर ट्रक और मलबे के नीचे फंसे लोगों को निकाला। घायलों को ग्वालियर के trauma center समेत अलग-अलग अस्पतालों में भेजा गया।
Google Maps और ब्रेक फेल: जांच किस दिशा में
पुलिस की शुरुआती जांच में दो बातें सामने आई हैं:
- Google Maps से छोटा रास्ता: पुलिस के मुताबिक चालक इलाके से बाहर का था और मोबाइल पर Google Maps देखकर रास्ता चुन रहा था। आशंका है कि छोटा रास्ता दिखने पर वह मंदिर वाली प्रतिबंधित सड़क पर आ गया।
- ब्रेक फेल होने का दावा: CSP स्तर के अधिकारियों के मुताबिक ढलान पर पहुंचते ही चालक को नीचे भीड़ दिखी और उसने ब्रेक फेल होने की बात कही। एक जांच अधिकारी के अनुसार ब्रेक फेल होने पर चालक ने ट्रक बाईं ओर मोड़ा; सीधा जाता तो 600 से 700 लोगों की भीड़ उसकी चपेट में आ सकती थी। पुलिस का कहना है कि यह अभी जांच का विषय है।
ग्वालियर की कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि Regional Transport Office (RTO) की टीम ट्रक की mechanical जांच करेगी, ताकि पता चले कि हादसे में किसी तकनीकी खराबी की भूमिका थी या नहीं। जांच यह भी देखेगी कि पुलिस तैनाती के बावजूद ट्रक बैरिकेड कैसे पार कर गया और यातायात प्रतिबंध ठीक से लागू हो रहे थे या नहीं।
चालक और मालिक धौलपुर से पकड़े गए
हादसे के तुरंत बाद चालक और ट्रक मालिक वाहन छोड़कर भाग निकले थे। ग्वालियर पुलिस ने घेराबंदी करके दोनों को राजस्थान के धौलपुर से पकड़ लिया। पुलिस के मुताबिक चालक की पहचान दिलबाग सिंह के रूप में हुई है, जो दिल्ली की पंजाबी कॉलोनी का रहने वाला बताया गया है। ट्रक मालिक को भी गिरफ्तार किया गया है और दोनों से पूछताछ जारी है।
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CSP हटाए गए, 8 पुलिसकर्मी निलंबित
प्रत्यक्षदर्शियों के सवालों के बाद कि भारी ट्रक उस सड़क तक कैसे पहुंचा, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को कड़ी कार्रवाई की। इंदौर में पत्रकारों से उन्होंने कहा, "हादसा इसलिए हुआ क्योंकि ट्रक प्रतिबंधित क्षेत्र में घुस गया।"
| कार्रवाई | अधिकारी/कर्मचारी |
|---|---|
| पद से हटाए गए | झांसी रोड CSP रवि भदौरिया |
| निलंबित थाना प्रभारी | झांसी रोड थाना प्रभारी शक्ति सिंह यादव, आंतरी थाना प्रभारी गीतेश शर्मा, झांसी रोड यातायात थाना प्रभारी अभिषेक रघुवंशी |
| निलंबित यातायात निरीक्षक | राघवेंद्र जादौन |
| निलंबित हेड कांस्टेबल | सुशील द्विवेदी |
| निलंबित कांस्टेबल | किशन खन्ना, अनिल जैतपुरिया, पवन सेंगर |
मुख्यमंत्री ने X पर लिखा, "सभी नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है। ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर जरूरी कदम उठाए जाएंगे। जनसुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।" उन्होंने जिम्मेदारी तय करने के लिए विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं और जिला प्रशासन से तथ्यात्मक जांच रिपोर्ट मांगी है। मंत्री ऐदल सिंह कंषाना और राकेश शुक्ला को ग्वालियर भेजा गया है। राकेश शुक्ला ने trauma center पहुंचकर घायलों से मुलाकात की और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया। मंत्री विश्वास सारंग ने भी कहा कि लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
मुआवजा: किसे कितनी मदद
- राज्य सरकार: हर मृतक के परिवार को ₹4 लाख। मामूली रूप से घायलों को ₹50,000 की सहायता। गंभीर घायलों के इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाएगी और सभी घायलों का इलाज मुफ्त होगा।
- प्रधानमंत्री: PM Narendra Modi ने हादसे पर दुख जताया और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से हर मृतक के परिजनों को ₹2 लाख की अनुग्रह राशि का ऐलान किया।
परिवारों का गुस्सा: "जहां साइकिल नहीं जा सकती, वहां ट्रक कैसे पहुंचा?"
Trauma center के post-mortem भवन के बाहर जमा परिजनों ने सुरक्षा इंतजामों पर तीखे सवाल उठाए।
- मृतक सरला तोमर के भतीजे लोकेंद्र सिंह तोमर ने पूछा कि सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद ट्रक मंदिर तक कैसे पहुंच गया। उनकी चाची मंदिर में पूजा करने जा रही थीं। उन्होंने जिम्मेदार लोगों से जवाब मांगा।
- मरने वालों में ग्वालियर के हजीरा इलाके के गदाईपुरा के रहने वाले 23 साल के पवन राठौर भी हैं, जो दर्शन करने गए थे।
- प्रत्यक्षदर्शी बबलू प्रजापति ने बताया कि उनके पिता मोतीलाल प्रजापति और कई रिश्तेदार मंदिर के पास बैठे थे, तभी ट्रक अचानक आ गया। लोग चिल्लाकर एक-दूसरे को हटने के लिए कहने लगे; कुछ बच निकले, लेकिन कई सीधे ट्रक की चपेट में आ गए। उनका कहना है कि पुलिस ऊपर और नीचे दोनों ओर तैनात रहती थी और भारी वाहनों को मेला खत्म होने के बाद ही जाने दिया जाता था।
- घायल निकेश के रिश्तेदार संदीप ने बताया कि परिवार को सुबह करीब 5 बजे फोन आया। अस्पताल पहुंचे तो निकेश के दोनों पैर टूटे थे और वह ventilator पर था।
- दिव्यांश नाम के एक मृतक की मां ने आरोप लगाया कि हादसे की खबर मिलने के बाद परिवार को पुलिस से जानकारी लेने में बहुत परेशानी हुई। एक अन्य रिश्तेदार ने सवाल उठाया कि घायल को हादसे के करीब दो घंटे बाद अस्पताल क्यों पहुंचाया गया।
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देशभर से शोक, विपक्ष ने उठाए सवाल
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख जताया।
- गृह मंत्री अमित शाह ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि घायलों को हर संभव मदद दी जा रही है।
- केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने X पर लिखा कि मां शीतला के दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं की असमय मृत्यु से उनका हृदय व्यथित है। उन्होंने कहा कि वे राज्य सरकार और प्रभारी मंत्री के लगातार संपर्क में हैं और सभी घायलों के मुफ्त इलाज के निर्देश दिए गए हैं।
- विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, जो खुद ग्वालियर से हैं, ने अपने सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिए।
- कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि ऐसे हादसे भीड़ प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं और सरकार व प्रशासन की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने घायलों के तुरंत इलाज और उचित मुआवजे की मांग की।
- लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी शोक जताया। मध्य प्रदेश कांग्रेस ने पीड़ित परिवारों के लिए ज्यादा मुआवजे की मांग की है।
बड़ा सवाल: धार्मिक मेलों में भीड़ की सुरक्षा

ग्वालियर-चीनौर रोड पर, शहर से करीब 20 किलोमीटर दूर जंगल और पहाड़ियों के बीच बना शीतला माता मंदिर ग्वालियर-चंबल अंचल की बड़ी आस्था का केंद्र है। नवरात्र में यहां नौ दिन का मेला लगता है और रात भर श्रद्धालुओं की कतारें रहती हैं।
यह हादसा ऐसे समय हुआ है, जब एक दिन पहले ही कोलकाता के चोरबागान पंडाल में भगदड़ से 19 लोगों की जान गई थी। दो दिनों में दो बड़े हादसों ने त्योहारों के दौरान भीड़ वाली जगहों की सुरक्षा पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं:
- प्रतिबंधित रास्तों पर बैरिकेड कितने मजबूत हैं और क्या वे तेज रफ्तार भारी वाहन को रोक सकते हैं?
- क्या navigation apps में मेलों और अस्थायी no-entry वाले रास्तों की जानकारी समय पर पहुंचती है?
- ढलान वाली सड़कों पर भारी वाहनों के लिए पहले से रोक और डायवर्जन कितनी दूरी पर होने चाहिए?
- घायलों को अस्पताल पहुंचाने में देरी के आरोपों की जांच कौन करेगा?
मुख्यमंत्री ने बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा उपायों की समीक्षा के आदेश दिए हैं। अब नजर जांच रिपोर्ट और RTO की mechanical जांच पर है, जिससे तय होगा कि हादसा ब्रेक फेल होने से हुआ या प्रतिबंध लागू करने में चूक से।
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Frequently asked questions
ग्वालियर शीतला माता मंदिर हादसा कब और कैसे हुआ?
रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को तड़के करीब 1:30 बजे चीनौर रोड पर धान से लदा एक ट्रक पुलिस बैरिकेड तोड़कर ढलान से उतरा, दर्शन के लिए खड़े श्रद्धालुओं और दुकानों को कुचलते हुए मंदिर के गेट और दीवार से टकरा गया।
हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?
रविवार दोपहर तक कम से कम 15 लोगों की मौत की पुष्टि हुई और करीब 28 लोग घायल हुए, जिनमें दो पुलिसकर्मी भी हैं। सात घायलों की हालत गंभीर बताई गई।
सरकार ने क्या कार्रवाई की?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने झांसी रोड CSP रवि भदौरिया को हटाया और तीन थाना प्रभारियों, एक यातायात निरीक्षक, एक हेड कांस्टेबल और तीन कांस्टेबलों को निलंबित किया। विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं और ट्रक चालक व मालिक गिरफ्तार हैं।
पीड़ितों को कितना मुआवजा मिलेगा?
राज्य सरकार हर मृतक के परिवार को ₹4 लाख और मामूली घायलों को ₹50,000 देगी तथा गंभीर घायलों का इलाज मुफ्त होगा। प्रधानमंत्री ने PMNRF से हर मृतक के परिजनों को ₹2 लाख देने का ऐलान किया है।
ट्रक प्रतिबंधित सड़क पर कैसे पहुंचा?
पुलिस को शक है कि बाहर का चालक Google Maps पर छोटा रास्ता देखकर इस सड़क पर आया। चालक ने ब्रेक फेल होने की बात कही है। RTO की टीम ट्रक की mechanical जांच कर रही है।
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