Hyderabad Metro के अधिग्रहण में फिर देरी, Telangana सरकार और L&T ने deadline 31 दिसंबर तक बढ़ाई; फंडिंग बनी रुकावट
Telangana सरकार और L&T ने 69.2 km लंबे Hyderabad Metro Phase-I के स्वामित्व हस्तांतरण की समयसीमा तीन महीने बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 कर दी है। कर्ज के लिए सस्ता फंड न मिल पाना देरी की मुख्य वजह है।

Hyderabad Metro takeover की समयसीमा तीसरी बार बढ़ी
हैदराबाद, 6 अक्टूबर 2026: Telangana सरकार और Larsen & Toubro (L&T) ने Hyderabad Metro Rail (HMR) Phase-I के स्वामित्व हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी करने की समयसीमा तीन महीने और बढ़ाने का फैसला किया है। अब यह प्रक्रिया 31 दिसंबर 2026 तक पूरी करनी होगी।
यह 69.2 km लंबे metro network के लिए Share Purchase Agreement (SPA) को अंतिम रूप देने के लिए दिया गया तीसरा विस्तार है।
क्या है पूरा सौदा
Telangana सरकार ने मई में L&T से L&T Metro Rail Hyderabad (L&TMRH) की पूरी 100% equity खरीदने का निर्णय औपचारिक रूप से घोषित किया था। इस सौदे में 1,462 करोड़ रुपये का equity भुगतान तय हुआ है।
इसके अलावा सरकार को करीब 13,560 करोड़ रुपये का कर्ज भी अपने ऊपर लेना है। उम्मीद थी कि इस कर्ज की सर्विसिंग किसी वित्तीय संस्था के जरिए की जाएगी।
- Equity भुगतान: 1,462 करोड़ रुपये
- कर्ज की जिम्मेदारी: करीब 13,560 करोड़ रुपये
- Network की लंबाई: 69.2 km, तीन corridor
- नई deadline: 31 दिसंबर 2026
IRFC के पीछे हटने से अटका मामला
अधिकारियों के अनुसार योजना तब अटक गई, जब Indian Railway Finance Corporation (IRFC) ने करीब 4% की कम ब्याज दर पर कर्ज देने का अपना फैसला वापस ले लिया। इसके बाद राज्य सरकार को equity भुगतान रोकना पड़ा और दूसरी वित्तीय संस्था की तलाश शुरू करनी पड़ी।
केंद्र और राज्य सरकार ने कर्ज देने वाली संस्था खोजने के लिए SBI Caps की सेवाएं लीं। लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक अब तक कोई भी संस्था 7% से कम ब्याज दर पर कर्ज देने को तैयार नहीं हुई है।
कम ब्याज दर वाला कर्ज न मिल पाना Hyderabad Metro के सरकारी अधिग्रहण की सबसे बड़ी बाधा बन गया है।
सरकार के सामने क्या विकल्प
अब राज्य सरकार इस पर विचार कर रही है कि क्या पहले मौजूदा पेशकश वाली ब्याज दर पर कर्ज लेकर अधिग्रहण पूरा कर लिया जाए और फिर Phase-I के सरकारी उपक्रम बनने के बाद refinance के विकल्प तलाशे जाएं।
अधिकारियों के अनुसार केंद्र ने भी संकेत दिया है कि वह चाहता है कि यह कर्ज राज्य सरकार खुद चुकाए, न कि special purpose vehicle Hyderabad Metro Rail Limited (HMRL)।
नया board, Phase II की योजना
अधिग्रहण की घोषणा के बाद राज्य सरकार ने L&TMRH के लिए नया board बनाया था, जिसकी अध्यक्षता Chief Secretary कर रहे हैं और जिसमें वरिष्ठ नगर निकाय तथा पुलिस अधिकारी शामिल हैं। योजना थी कि मौजूदा कर्मचारियों और ढांचे के साथ metro कंपनी को तब तक चलाया जाए, जब तक एक एकीकृत metro rail संस्था नहीं बन जाती।
यह संस्था Hyderabad Metro Phase II के विस्तार के लिए केंद्र के साथ प्रस्तावित joint venture के साथ बननी थी।
आगे क्या
नई deadline 31 दिसंबर 2026 तक सरकार को कर्ज की व्यवस्था पर फैसला करना होगा। तब तक L&T ही metro का संचालन जारी रखेगी। यह network किराया, विज्ञापन और station rentals से हर साल करीब 1,100 करोड़ रुपये की आय करता है, जिसका इस्तेमाल संचालन और कर्ज चुकाने में होता है।
Frequently asked questions
Hyderabad Metro takeover की नई deadline क्या है?
Telangana सरकार और L&T ने स्वामित्व हस्तांतरण की समयसीमा बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 कर दी है।
यह कौन सा विस्तार है?
Share Purchase Agreement को अंतिम रूप देने के लिए यह तीसरा विस्तार है।
सौदे की राशि कितनी है?
सौदे में 1,462 करोड़ रुपये का equity भुगतान और करीब 13,560 करोड़ रुपये का कर्ज अपने ऊपर लेना शामिल है।
देरी की वजह क्या है?
IRFC ने करीब 4% ब्याज पर कर्ज देने का फैसला वापस ले लिया और अब तक कोई संस्था 7% से कम दर पर कर्ज देने को तैयार नहीं हुई है।
अभी Hyderabad Metro कौन चला रहा है?
फिलहाल L&T अपने सहयोगियों के साथ Red, Blue और Green line पर सेवाएं चला रही है।
Sources
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