Manipur में JFD ने रोका तेज आंदोलन, सरकार ने NRC और Census 2027 की मांगों पर दिया कार्रवाई का भरोसा
Manipur में Campaign for Just and Fair Delimitation (JFD) ने NRC अपडेट और Census 2027 से जुड़ी मांगों पर राज्य सरकार के आश्वासन के बाद अपना तेज आंदोलन फिलहाल रोक दिया है। धरना और नियमित अभियान जारी रहेंगे।

JFD ने intensive protest पर लगाई अस्थायी रोक
इंफाल, 6 अक्टूबर 2026: Manipur में Census 2027 और National Register of Citizens (NRC) को लेकर चल रहे आंदोलन में नया मोड़ आया है। Campaign for Just and Fair Delimitation (JFD) ने राज्य सरकार से मिले आश्वासन के बाद अपने intensive protest को फिलहाल रोकने का ऐलान किया है।
JFD के convenor Jeetendra Ningomba ने इंफाल के Citizens' Club में यह घोषणा की। उन्होंने साफ किया कि बड़े आंदोलन पर रोक अस्थायी है और इस बीच नियमित अभियान और धरना-प्रदर्शन चलते रहेंगे।
संगठन के रुख से साफ है कि वह सरकार के वादों पर अमल की प्रगति देखकर ही आगे का फैसला करेगा। यानी सड़क पर बड़े प्रदर्शन भले रुक गए हों, लेकिन मुद्दा अभी खत्म नहीं हुआ है।
क्या हैं JFD की मुख्य मांगें?
JFD Manipur का एक civil society संगठन है जो Census 2027 से पहले NRC को अपडेट करने की मांग कर रहा है। संगठन चाहता है कि NRC का आधार वर्ष 1951 रखा जाए।
- 1951 को आधार मानकर Census 2027 से पहले NRC अपडेट किया जाए।
- Manipur State Population Commission में सभी पद भरे जाएं।
- राज्य के लिए अलग population policy बनाई जाए।
- NRC प्रक्रिया पर एक white paper जारी किया जाए।
सरकार ने 3 अक्टूबर को क्या भरोसा दिया?
सरकार के प्रवक्ता Dr Sapam Ranjan के मुताबिक राज्य सरकार ने 3 अक्टूबर को कई बिंदुओं पर कदम उठाने का भरोसा दिया। इनमें Manipur में census का काम पूरी तरह टालने के लिए केंद्र से संपर्क करना शामिल है।
इसके अलावा Population Commission को मजबूत करने, population policy तैयार करने और प्रस्तावित NRC white paper बनाने का आश्वासन भी दिया गया है।
JFD के अनुसार लगातार जन-आंदोलन की वजह से Manipur में Census 2027 के house-listing चरण को टाला गया।
विधायकों से भी मिला समर्थन
इसी सप्ताह JFD की Women's Wing ने चार विधायकों से मुलाकात की, जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री Nongthombam Biren भी शामिल थे। संगठन के अनुसार इस मुलाकात में 1951 आधारित NRC की मांग को समर्थन मिला।
यह मुद्दा राज्य की राजनीति में लंबे समय से संवेदनशील रहा है, क्योंकि जनसंख्या, परिसीमन और नागरिकता से जुड़े सवाल अलग-अलग समुदायों के लिए अहम माने जाते हैं।
Census 2027 पर क्यों है विवाद?
Census 2027 देशभर में होने वाली जनगणना है। Manipur में JFD जैसे संगठन चाहते हैं कि जनगणना से पहले नागरिकों का रिकॉर्ड तय हो, ताकि आबादी के आंकड़ों पर भविष्य में परिसीमन या अन्य फैसलों में विवाद न हो।
दूसरी ओर census का काम केंद्र सरकार के स्तर पर तय होता है, इसलिए राज्य सरकार ने कहा है कि वह इस पर केंद्र से बात करेगी।
आगे क्या
अब नजर इस पर रहेगी कि राज्य सरकार केंद्र के साथ census टालने के मुद्दे पर क्या बातचीत करती है और Population Commission, population policy तथा NRC white paper पर कितनी जल्दी कदम उठाए जाते हैं। JFD ने साफ किया है कि प्रगति न होने पर आंदोलन फिर तेज हो सकता है।
Manipur में JFD का यह फैसला फिलहाल तनाव कम करने वाला कदम है, लेकिन असली परीक्षा सरकार के वादों पर अमल की होगी।
Frequently asked questions
JFD क्या है?
JFD यानी Campaign for Just and Fair Delimitation, Manipur का एक civil society संगठन है।
JFD की मुख्य मांग क्या है?
JFD चाहता है कि Census 2027 से पहले 1951 को आधार वर्ष मानकर NRC अपडेट किया जाए।
सरकार ने क्या आश्वासन दिया?
सरकार ने census का काम टालने के लिए केंद्र से संपर्क करने, Population Commission मजबूत करने, population policy बनाने और NRC white paper तैयार करने का भरोसा दिया।
क्या आंदोलन पूरी तरह खत्म हो गया है?
नहीं, केवल intensive protest रोका गया है; नियमित अभियान और धरना जारी रहेंगे।
आंदोलन रोकने की घोषणा किसने की?
JFD के convenor Jeetendra Ningomba ने इंफाल के Citizens' Club में यह घोषणा की।
Sources
- Northeast Now — Manipur: JFD puts intensive protests on hold after government assures action on NRC, Census demands
- Photo: File:Imphal International Airport (“Imphal Leikoi Malang Hithangpham” in Meitei language) in Imphal, the capital city of Manipur state of India 01.jpg — Haoreima, CC BY-SA 4.0 (Wikimedia Commons)
Spotted a mistake? See our corrections policy or write to grievance@mishraworld.com.












