Abhijeet Dipke को जमानत: SEM court ने दी सशर्त राहत, peace bond भरकर होंगे रिहा; न्यायिक हिरासत में नहीं जाएंगे CJP संस्थापक
Cockroach Janta Party के संस्थापक Abhijeet Dipke को शनिवार को Mandir Marg police station में Special Executive Magistrate ने सशर्त जमानत दे दी। उन्हें न्यायिक हिरासत में नहीं भेजा जाएगा और peace bond की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद रिहा किया जाएगा। उन्हें 'लहरा दो तिरंगा' मार्च से पहले BNSS की धारा 126 और 170 के तहत गिरफ्तार किया गया था।

न्यायिक हिरासत नहीं, peace bond पर रिहाई
नई दिल्ली, 17 अक्टूबर 2026: Cockroach Janta Party (CJP) के संस्थापक Abhijeet Dipke को शनिवार को बड़ी राहत मिली। Special Executive Magistrate (SEM) ने उन्हें सशर्त जमानत दे दी है। उन्हें न्यायिक हिरासत में नहीं भेजा जाएगा। शांति बनाए रखने का bond (peace bond) भरने की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उन्हें रिहा किया जाएगा।
Dipke को शनिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच Mandir Marg police station में SEM के सामने पेश किया गया था। Delhi Police ने उन्हें BNSS की धारा 126 और 170 के तहत एहतियाती गिरफ्तारी में रखा था।
क्यों हुई थी गिरफ्तारी
- 16 अक्टूबर की शाम: Dipke को Jhandewalan में उनके ठिकाने के बाहर से उस समय हिरासत में लिया गया, जब वे Connaught Place के Central Park में CJP के 'लहरा दो तिरंगा' प्रदर्शन में जा रहे थे। इलाके में धारा 163 की निषेधाज्ञा लागू थी।
- धाराएं: धारा 126 Executive Magistrate को शांति भंग की आशंका वाले व्यक्ति पर एहतियाती कार्रवाई का अधिकार देती है। धारा 170 पुलिस को संज्ञेय अपराध रोकने के लिए बिना warrant एहतियाती गिरफ्तारी का अधिकार देती है।
- CJP का आरोप: पार्टी का कहना था कि हिरासत के बाद Dipke को ऐसी जगह ले जाया गया जिसकी तुरंत जानकारी नहीं दी गई और शुरुआत में वकीलों से संपर्क नहीं करने दिया गया।
पहले भी भरा था bond
10 अक्टूबर को CEC Gyanesh Kumar के खिलाफ प्रदर्शन के लिए Delhi पहुंचते ही Dipke, Saurav Das और Ashutosh Ranka को विमान के अंदर से हिरासत में लिया गया था। तब तीनों को एक साल तक इलाके में शांति बनाए रखने के bond पर छोड़ा गया था।
Saurav Das और Ashutosh Ranka को 13 अक्टूबर को Jantar Mantar में घुसने के आरोप में फिर हिरासत में लिया गया। SEM ने bond तोड़ने के आरोप में आगे कार्रवाई के पर्याप्त आधार पाते हुए दोनों को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था, जिसके बाद वे Tihar में हैं। Dipke के मामले में ऐसा नहीं हुआ।
"प्रदर्शन के दौरान लोगों को शाम को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में लेकर अगली सुबह या शाम छोड़ा जा रहा है। Abhijeet Dipke समेत सभी हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को रिहा किया जाए।" — Neha Bora, AISA अध्यक्ष (रिहाई के बाद)
Neha Bora पहले ही रिहा
AISA अध्यक्ष Neha Bora को भी 16 अक्टूबर की शाम Mandi House से हिरासत में लिया गया था। उन्हें शनिवार सुबह Delhi Police Act की धारा 65 के तहत औपचारिकताएं पूरी करने के बाद रिहा कर दिया गया था।
आगे क्या
- FIR: Delhi Police के अधिकारियों के मुताबिक Connaught Place और New Delhi के दूसरे इलाकों में निषेधाज्ञा तोड़ने पर कई FIR दर्ज की गई हैं, और बार-बार नियम तोड़ने वालों पर भी कार्रवाई होगी।
- आंदोलन जारी: CJP और AISA ने CEC के इस्तीफे और SIR वापस लेने की मांग पर आंदोलन जारी रखने की बात कही है। Samyukt Kisan Morcha (SKM) ने 23 अक्टूबर को Delhi कूच का ऐलान किया है।
Nabh24 इस खबर पर नजर बनाए हुए है। Dipke की रिहाई और जमानत की शर्तों की आधिकारिक जानकारी आते ही यह खबर update की जाएगी।
Frequently asked questions
क्या Abhijeet Dipke को जमानत मिल गई है?
हां। 17 अक्टूबर 2026 को Mandir Marg police station में Special Executive Magistrate ने उन्हें सशर्त जमानत दी। peace bond की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उन्हें रिहा किया जाएगा।
क्या Dipke को न्यायिक हिरासत में भेजा गया?
नहीं। उन्हें न्यायिक हिरासत में नहीं भेजा जाएगा, जबकि CJP के Saurav Das और Ashutosh Ranka को इससे पहले 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
जमानत की शर्तें क्या हैं?
बताया जा रहा है कि इनमें एक साल तक शांति बनाए रखने की शर्त शामिल है। पूरी शर्तें आदेश की प्रति आने के बाद साफ होंगी।
Dipke को किन धाराओं में गिरफ्तार किया गया था?
BNSS की धारा 126 (शांति भंग रोकने के लिए एहतियाती कार्रवाई) और धारा 170 (संज्ञेय अपराध रोकने के लिए एहतियाती गिरफ्तारी) के तहत।
Neha Bora का क्या हुआ?
AISA अध्यक्ष Neha Bora को 17 अक्टूबर की सुबह Delhi Police Act की धारा 65 के तहत औपचारिकताएं पूरी करने के बाद रिहा कर दिया गया।
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