Bihar Salary News: 10.3 लाख शिक्षकों और पुलिसकर्मियों का वेतन रुका, AG audit में HRMS-CFMS घोटाला; त्योहार से पहले जांच के बाद ही मिलेगी salary
Bihar वित्त विभाग ने करीब 9 लाख शिक्षा कर्मियों और 1.3 लाख पुलिसकर्मियों के वेतन पर अक्टूबर से अगले आदेश तक रोक लगा दी है। AG की audit में गैर-कर्मचारियों को वेतन, बढ़ी हुई salary, कई गुना HRA और फर्जी बिल जैसी गड़बड़ियां मिली हैं। उपमुख्यमंत्री Bijendra Prasad Yadav ने कहा है कि जांच के बाद वेतन जारी होगा।

त्योहारों से पहले 10.3 लाख कर्मचारियों का वेतन अटका
पटना, 16 अक्टूबर 2026: Bihar सरकार ने राज्य के करीब 10.3 लाख शिक्षकों, शिक्षा विभाग के कर्मियों और पुलिसकर्मियों के वेतन भुगतान पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। वेतन भुगतान में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आने के बाद वित्त विभाग ने यह कदम उठाया है। जांच में फर्जी, बढ़ा-चढ़ाकर किए गए और गैरकानूनी भुगतान के मामले मिले हैं।
इस फैसले का असर करीब 9 लाख शिक्षा कर्मियों और करीब 1.3 लाख पुलिसकर्मियों पर पड़ेगा। रोक ऐसे समय लगी है जब दशहरा सामने है और नवंबर में दीपावली और Bihar का सबसे बड़ा पर्व छठ आने वाला है।
वित्त विभाग का आदेश: पहले जांच, फिर वेतन
वित्त सचिव Vinay Kumar ने गृह विभाग के प्रधान सचिव और शिक्षा विभाग के सचिव को दो अलग-अलग पत्र भेजे हैं। इनमें कहा गया है कि वेतन भुगतान के आंकड़ों की जांच में प्रथम दृष्टया कई अनियमितताएं सामने आई हैं। पत्रों में ये निर्देश दिए गए हैं:
- अनिवार्य जांच: अगले महीने का वेतन जारी करने से पहले दोनों विभाग पूरे मामले की जांच करें।
- तीनों स्तर पर जिम्मेदारी: वेतन बिल तैयार करने वाले (maker), जांचने वाले (checker) और मंजूरी देने वाले (approver) की जिम्मेदारी तय हो। दोषियों पर आपराधिक और विभागीय, दोनों कार्रवाई हो।
- वसूली: धोखाधड़ी या गलती से जो अतिरिक्त पैसा दिया गया है, वह संबंधित लोगों से वापस लिया जाए।
- सिर्फ नियमित कर्मचारी: वेतन तैयार करने, जांचने और मंजूर करने का काम अब केवल नियमित सरकारी कर्मचारी ही करेंगे।
- Treasury से मिलान: हर salary slip का treasury के रिकॉर्ड से मिलान होगा, उसके बाद ही भुगतान होगा।
"सरकार के खजाने में जनता का पैसा आता है, उसका सदुपयोग होना चाहिए। AG की रिपोर्ट के बाद हमने यह फैसला लिया है। जांच के बाद वेतन रिलीज कर दिया जाएगा।" — Bijendra Prasad Yadav, उपमुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री, Bihar
गड़बड़ी कैसे पकड़ी गई
यह मामला महालेखाकार (AG) की audit में सामने आया। CAG की टिप्पणियों के आधार पर जांच के आदेश दिए गए। वित्त विभाग के अधिकारियों के मुताबिक Jharkhand में इसी तरह का घोटाला पकड़े जाने के बाद Bihar के आंकड़ों पर ध्यान दिया गया। शिक्षा और गृह विभाग को इसलिए चुना गया क्योंकि इन्हीं दोनों में सबसे ज्यादा कर्मचारी हैं।
वेतन का पूरा काम दो portals पर होता है। कर्मचारियों का रिकॉर्ड HRMS (Human Resource Management System) में रहता है और भुगतान e-Nidhi CFMS (Comprehensive Financial Management System) से होता है। आरोप है कि इन्हीं portals में सेंध लगाकर गड़बड़ी की गई।
कौन-कौन सी गड़बड़ियां मिलीं
- गैर-कर्मचारियों को वेतन: ऐसे लोगों के खाते में भी वेतन गया जो सरकारी कर्मचारी ही नहीं हैं।
- हक से ज्यादा पैसा: नियुक्ति के समय ही HRMS में वेतन की तय रकम से ज्यादा राशि दर्ज कर दी गई।
- रिटायर्ड कर्मचारियों का code: कुछ मामलों में रिटायर हो चुके कर्मचारियों का salary code नए कर्मचारियों को दे दिया गया, जिससे उनके खाते में ज्यादा पैसा गया।
- कई गुना HRA: कई लोगों का मकान किराया भत्ता (HRA) कई गुना बढ़ाकर दिया गया।
- फर्जी ID और फर्जी बिल: फर्जी pay-ID बनाकर और मिलीभगत से फर्जी बिल पास कराकर भुगतान किया गया।
वित्त विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक ये गड़बड़ियां कई जिलों में मिली हैं और तीन स्तर की जांच को जिस तरह bypass किया गया, उससे अंदर के लोगों की मिलीभगत की मजबूत आशंका है। जांच में cyber forensics विशेषज्ञों की मदद लेने की तैयारी है।
किन जिलों में मामले सामने आए
Patna, Bhagalpur, Aurangabad, Supaul, Banka और Samastipur समेत कई जिलों में गलत भुगतान की रिपोर्ट मिली है। कुछ बड़े मामले:
- Patna City: Fateh Narayan Singh Academy School में ₹76.71 लाख के घोटाले का मामला सामने आया है।
- Supaul (उपमुख्यमंत्री का गृह जिला): एक लिपिक पर 11 शिक्षकों की फर्जी ID बनाकर ₹1.83 करोड़ अपनी मां और सास के खातों में भेजने का आरोप है।
- Bhagalpur: एक शिक्षिका के मामले में FIR दर्ज हुई है। उनके पति भी शिक्षा विभाग में कर्मचारी हैं और वही उनके वेतन के approver थे। दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
- Patna, Bhagalpur और Supaul में जांच के बाद पिछले पांच साल के वेतन खातों और भुगतान रिकॉर्ड की समीक्षा शुरू की गई है। शुरुआती जांच में शिक्षा विभाग में करीब 5,000 संदिग्ध entries मिली हैं।
कर्मचारियों के लिए अभी क्या साफ है
- वेतन कब मिलेगा: सरकार ने अभी कोई तारीख नहीं बताई है। वित्त विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अगर दोनों विभाग युद्धस्तर पर काम करें तो करीब दो हफ्ते में संदिग्ध मामलों की पहचान हो सकती है। लेकिन पूरे database को साफ करने में ज्यादा समय लगेगा।
- ईमानदार कर्मचारियों का क्या: उपमुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि जांच के बाद वेतन जारी कर दिया जाएगा। जिनका रिकॉर्ड सही है, उनका भुगतान रिकॉर्ड के मिलान के बाद होगा।
- क्या करें: अपने HRMS रिकॉर्ड (नियुक्ति, वेतनमान, HRA, बैंक खाता) की जानकारी अपने DDO या कार्यालय से जांच लें, ताकि मिलान में देरी न हो। वेतन जारी होने से जुड़ी सूचना के लिए सिर्फ विभाग के आधिकारिक पत्र पर भरोसा करें।
Nabh24 इस खबर पर नजर बनाए हुए है। वेतन जारी होने की तारीख या जांच से जुड़ा कोई नया आदेश आते ही यह खबर update की जाएगी।
Frequently asked questions
Bihar में किन कर्मचारियों का वेतन रोका गया है?
करीब 9 लाख शिक्षकों और शिक्षा विभाग के कर्मियों और करीब 1.3 लाख पुलिसकर्मियों का, यानी कुल करीब 10.3 लाख कर्मचारियों का।
वेतन क्यों रोका गया?
महालेखाकार (AG) की audit में HRMS और CFMS portals के जरिए गैर-कर्मचारियों को वेतन, तय से ज्यादा salary, बढ़ा हुआ HRA और फर्जी बिल जैसी गड़बड़ियां मिलीं। इसलिए भुगतान से पहले जांच अनिवार्य की गई है।
रोका गया वेतन कब मिलेगा?
अभी कोई तारीख तय नहीं है। उपमुख्यमंत्री ने कहा है कि जांच के बाद वेतन जारी होगा। अधिकारियों के मुताबिक तेजी से काम हुआ तो संदिग्ध मामलों की पहचान करीब दो हफ्ते में हो सकती है।
किन जिलों में गड़बड़ी मिली?
Patna, Bhagalpur, Aurangabad, Supaul, Banka और Samastipur समेत कई जिलों में।
दोषियों पर क्या कार्रवाई होगी?
वेतन बिल बनाने, जांचने और मंजूर करने वालों की जिम्मेदारी तय करके उन पर आपराधिक और विभागीय कार्रवाई होगी और गलत तरीके से दिया गया पैसा वसूला जाएगा।
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