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Tiger Shroff Firing Case: तीनों शूटर 31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में, अब तक 8 गिरफ्तार; अमृतसर के 'डेड लेटर बॉक्स' से गर्लफ्रेंड के बैग में मुंबई पहुंची थी पिस्तौल

टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के तीनों कथित शूटर रेहान, ऋतिक कुर्मी और फूल सिंह को Esplanade court ने 31 अक्टूबर तक Crime Branch की हिरासत में भेज दिया। पुलिस के मुताबिक हथियार अब तक बरामद नहीं हुआ, फोन नष्ट कर दिए गए और शूटरों का पहला निशाना कोई और बड़ा सितारा था। दिल्ली पुलिस ने हथियार पहुंचाने के आरोप में दो महिलाओं समेत चार और लोगों को पकड़ा है; कुल 8 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।

मुंबई पुलिस आयुक्त कार्यालय, जहां Crime Branch की Anti-Extortion Cell आरोपियों से पूछताछ कर रही है। (File photo) Photo: Nicholas (Nichalp) / Wikimedia Commons (CC BY-SA 3.0)

Esplanade court ने तीनों आरोपियों को 31 अक्टूबर तक Crime Branch की हिरासत में भेजा

मुंबई, 21 अक्टूबर 2026: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में गिरफ्तार तीनों कथित शूटरों को मुंबई की Esplanade court ने बुधवार को 31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। तीनों को राजस्थान के कोटा से सड़क के रास्ते बुधवार तड़के मुंबई लाया गया था। इस मामले में अब तक कुल 8 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं, जिनमें हथियार पहुंचाने के आरोप में पकड़ी गईं दो महिलाएं भी शामिल हैं।

कोर्ट में पेश किए गए आरोपियों की पहचान रेहान उर्फ सुक्का (सोनीपत, हरियाणा), ऋतिक कुर्मी उर्फ रोशन (मूल रूप से बेगूसराय, बिहार; फिलहाल मुंबई में रह रहा था) और फूल सिंह (हरियाणा) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक इनमें एक की उम्र 18 साल और दो की 22 साल है, और कोई भी नाबालिग नहीं है।

अभियोजन पक्ष ने कोर्ट को बताया कि वारदात में इस्तेमाल हथियार अभी बरामद नहीं हुआ है और आरोपियों ने वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन नष्ट कर दिए हैं। पुलिस अब पूरी साजिश, पैसों के लेन-देन और फोन ठिकाने लगाने की कड़ी जोड़ना चाहती है।

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कोर्ट में क्या हुआ

  • सुबह मेडिकल, फिर पूछताछ: मुंबई पहुंचने के बाद तीनों को अनिवार्य मेडिकल जांच के लिए GT Hospital ले जाया गया। इसके बाद उन्हें Mumbai Crime Branch की Anti-Extortion Cell (AEC) के दफ्तर में पूछताछ के लिए रखा गया।
  • पुलिस की दलील: पुलिस ने कहा कि अपराध गंभीर है, साजिश की सारी परतें अभी खुली नहीं हैं और आरोपी आदतन अपराधी हैं। इसलिए हिरासत में पूछताछ जरूरी है। पुलिस ने यह भी बताया कि हरियाणा और दिल्ली से पांच और लोग गिरफ्तार हुए हैं, जिन्हें मुंबई लाया जा रहा है।
  • बचाव पक्ष का विरोध: आरोपियों के वकील अजिंक्य मिरगल ने कहा कि पुलिस कोटा से transit remand पर पहले ही आरोपियों को ला चुकी है और बाकी गिरफ्तारियां भी हो चुकी हैं, इसलिए और पुलिस हिरासत की जरूरत नहीं है। उन्होंने आरोपियों को न्यायिक (magisterial) हिरासत में भेजने की मांग की।
  • फैसला: कोर्ट ने पुलिस की मांग मानते हुए तीनों को 31 अक्टूबर तक AEC की हिरासत में भेज दिया।
  • धाराएं: मुंबई पुलिस ने हत्या की कोशिश (attempt to murder) और Arms Act के तहत केस दर्ज किया है।

पहले किसी और बड़े सितारे पर था निशाना

Crime Branch का दावा है कि तीनों शूटर पहले बॉलीवुड की किसी और बड़ी हस्ती को निशाना बनाना चाहते थे। उस हस्ती के आसपास कड़ी सुरक्षा होने की वजह से वे उस तक नहीं पहुंच पाए, जिसके बाद उन्होंने टाइगर श्रॉफ को चुना, यह मानकर कि वे आसान निशाना होंगे। पुलिस ने उस हस्ती का नाम अभी उजागर नहीं किया है।

हमले के बाद सोशल मीडिया पर सामने आए एक कथित ऑडियो क्लिप में अनिल पंडित यह दावा करता सुनाई देता है कि टाइगर ने सलमान खान के साथ काम न करने की चेतावनी नहीं मानी, इसलिए उन पर हमला हुआ। क्लिप में वह सलमान खान से बिश्नोई समाज से माफी की मांग करता है और फिल्म इंडस्ट्री में सलमान के करीबियों को धमकी देता है। इस क्लिप की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि हमले का असली मकसद पूछताछ के बाद ही साफ होगा। DCP (Detection) राज तिलक रोशन के मुताबिक टाइगर को पहले किसी तरह की धमकी की कोई शिकायत नहीं मिली थी।

"हमले के मकसद का अभी पता नहीं चला है। आरोपियों से पूछताछ के बाद हम इसका पता लगाएंगे।"

— राज तिलक रोशन, DCP (Detection), मुंबई पुलिस

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अमृतसर के 'डेड लेटर बॉक्स' से मुंबई तक पिस्तौल का सफर

Delhi Police Special Cell ने मंगलवार, 20 अक्टूबर को चार और लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक ये चारों विदेश में बैठे गैंगस्टर अनिल पंडित के इशारे पर काम कर रहे थे।

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  • चार आरोपी: कुणाल (21) और सुमित (19), दोनों सोनीपत (हरियाणा) के रहने वाले; राधा (23), सीतापुर (UP) और बबीता (23), आजमगढ़ (UP)। दोनों महिलाएं सोनीपत की एक फैक्ट्री में काम करती हैं।
  • जेल से छूटते ही गैंग से संपर्क: कुणाल जुलाई में सोनीपत जेल से जमानत पर छूटा था। हरियाणा के हरसाना गांव के एक दोस्त ने उसकी मुलाकात अनिल पंडित से करवाई, जिसके बाद दोनों encrypted messaging app पर बात करने लगे।
  • 'डेड लेटर बॉक्स': वारदात से करीब दो हफ्ते पहले कुणाल और सुमित, पंडित के बताए एक तय ठिकाने से एक पिस्तौल और 20 कारतूस लेने अमृतसर गए। 'डेड लेटर बॉक्स' यानी ऐसी जगह, जहां एक व्यक्ति सामान छोड़ जाता है और दूसरा बिना मिले उठा लेता है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक दोनों को यह भी नहीं पता था कि हथियार वहां किसने रखे थे।
  • पैसों का हिसाब: पुलिस सूत्रों के मुताबिक पंडित ने कुणाल और सुमित को इस काम के लिए ₹70,000 से ₹80,000 दिए। इसमें से करीब ₹10,000 से ₹12,000 राधा और बबीता को हथियार मुंबई पहुंचाने के लिए मिले।
  • गर्लफ्रेंड के बैग में पिस्तौल: कुणाल की राधा से करीब दो महीने पहले मुलाकात हुई थी और दोनों के बीच रिश्ता बन गया था। आरोप है कि कुणाल ने राधा को अपने काम के बारे में बताया और उसे बबीता के साथ हथियार लेकर मुंबई जाने के लिए राजी किया।
  • 15 से 17 अक्टूबर: 15 अक्टूबर को कुणाल दोनों महिलाओं को New Delhi Railway Station छोड़ने गया। पिस्तौल राधा के बैग में छिपी थी। सफर के दौरान कुणाल encrypted app पर पंडित के निर्देश दोनों तक पहुंचाता रहा। दोनों 17 अक्टूबर को दादर पहुंचीं और एक होटल में ठहरीं। उसी दिन सुबह करीब 11 बजे होटल के पास एक नाबालिग लड़का राधा से वह बैग ले गया।
  • 18 अक्टूबर: अगले दिन शाम करीब 7 बजे जुहू में टाइगर की कार पर गोलियां चलीं। उसी दिन राधा और बबीता Dadar-Haridwar Express से मुंबई से निकल गईं।
  • भगाने की जिम्मेदारी भी: पुलिस का आरोप है कि फायरिंग के बाद पंडित ने कुणाल को फोन कर बताया कि शूटर मुंबई में फंसे हैं और उसे उन्हें निकालने का इंतजाम करने को कहा।

दोनों महिलाओं को 20 अक्टूबर को New Delhi Railway Station से और कुणाल-सुमित को सोनीपत से पकड़ा गया। चारों को BNSS की धारा 35(1)(b) के तहत कोर्ट में पेश किया गया, जिसके बाद महाराष्ट्र पुलिस की CID ने कोर्ट की इजाजत से उन्हें इस केस में औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया। कोर्ट ने उन्हें मुंबई ले जाने के लिए तीन दिन की transit remand दी है। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि यही पिस्तौल फायरिंग में इस्तेमाल हुई थी या शूटरों को भगाने की कोशिश कामयाब हुई थी।

शूटरों और अनिल पंडित के बीच संपर्क करवाने वाले एक और व्यक्ति को सोनीपत से हिरासत में लिया गया है। इसी के साथ गिरफ्तार लोगों की संख्या 8 हो गई है।

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Nepal भागने की थी तैयारी, कोटा में 15 मिनट में पकड़े गए

फायरिंग के बाद हमलावरों ने बाइक अंधेरी में छोड़ दी और सूरत पहुंचे। पुलिस के मुताबिक वहां से वे जयपुर जाने वाली ट्रेन में बैठे। योजना थी कि जयपुर से बस पकड़कर दिल्ली जाएं और फिर Nepal भाग जाएं। एक cab driver को किए गए छोटे से फोन कॉल ने जांच एजेंसियों को उनकी लोकेशन तक पहुंचा दिया।

कोटा जंक्शन रेलवे स्टेशन, जहां Pune-Jaipur Superfast Express के जनरल कोच से तीनों आरोपी पकड़े गए। (File photo) Photo: Vvkk77 / Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0)
कोटा जंक्शन रेलवे स्टेशन, जहां Pune-Jaipur Superfast Express के जनरल कोच से तीनों आरोपी पकड़े गए। (File photo) Photo: Vvkk77 / Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0)

सोमवार, 19 अक्टूबर को सुबह 10:17 बजे जब Pune-Jaipur Superfast Express कोटा स्टेशन पर रुकी, तो कोटा पुलिस ने करीब 15 मिनट के ऑपरेशन में जनरल कोच से तीनों को पकड़ लिया। कोटा की SP तेजस्विनी गौतम ने बताया कि एक आरोपी ने अपनी जन्मतिथि ऐसी बताई थी, जिससे वह 18 साल से करीब एक महीना छोटा लगता था, लेकिन जांच में साफ हुआ कि वह 18 साल का हो चुका है। मुंबई पुलिस के मुताबिक यह गिरफ्तारी वारदात के करीब 15 घंटे के अंदर हुई। इसमें Crime Branch की 20 विशेष टीमें लगी थीं और दिल्ली, गुजरात व राजस्थान पुलिस ने तकनीकी मदद दी। तीनों से कोई हथियार बरामद नहीं हुआ।

एक आरोपी की मां बोलीं, 'मेरे बेटे को बहकाया गया'

गिरफ्तार सुमित की मां ने मीडिया से कहा कि उनका 19 साल का बेटा बेकसूर है। उनके मुताबिक सुमित करीब तीन साल से कपड़े की एक दुकान पर काम करता है, नौवीं तक पढ़ा है और उसने घर पर बताया था कि वह खाटू श्याम (राजस्थान) जा रहा है। मां का दावा है कि यात्रा के दौरान उसने परिवार को video call भी किया था और वह कभी मुंबई नहीं गया।

"उसका इससे कोई लेना-देना नहीं है। उसे बहकाया गया है।"

— सुमित की मां

उन्होंने स्थानीय परिचित नितिन का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि उसी ने सुमित को इन लोगों से मिलवाया। ये परिवार के दावे हैं; सुमित की भूमिका की जांच चल रही है।

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सियासत भी गरमाई, टाइगर की टीम ने fake videos से किया सावधान

  • सरकार: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि हमलावरों और उनके handlers को बख्शा नहीं जाएगा। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि शूटरों को उन्हीं की भाषा में जवाब दिया जाएगा। उन्होंने 1990 के दशक के गैंगवार का जिक्र करते हुए कहा कि मुंबई पुलिस ने तब भी ऐसी ताकतों पर लगाम लगाई थी।
  • विपक्ष: महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने महायुति सरकार पर राज्य में 'जंगल राज' लाने का आरोप लगाया और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर नैतिक आधार पर फडणवीस का इस्तीफा मांगा।
  • टाइगर की टीम: टाइगर के management ने कहा है कि घटना के बाद अभिनेता के नाम से झूठे बयान, AI से बने videos और दूसरी अनधिकृत सामग्री फैलाई जा रही है। टीम ने साफ किया कि टाइगर ने इस मामले पर कोई बयान या video जारी नहीं किया है, और लोगों से सिर्फ पुष्ट जानकारी पर भरोसा करने की अपील की।

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आगे क्या

पुलिस हिरासत के अगले 10 दिनों में AEC तीनों शूटरों से हथियार, नष्ट किए गए फोन, पैसों के रास्ते और विदेश में बैठे handler से जुड़े सवालों पर पूछताछ करेगी। दिल्ली और हरियाणा से गिरफ्तार पांच आरोपियों को भी मुंबई लाकर आमने-सामने पूछताछ की तैयारी है। हथियार की बरामदगी और 'पहले निशाने' वाली हस्ती से जुड़े दावों की पुष्टि इस जांच के सबसे अहम सवाल बने हुए हैं।

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Frequently asked questions

टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में कोर्ट ने क्या फैसला दिया?

मुंबई की Esplanade court ने 21 अक्टूबर 2026 को तीनों कथित शूटरों रेहान उर्फ सुक्का, ऋतिक कुर्मी उर्फ रोशन और फूल सिंह को 31 अक्टूबर तक Mumbai Crime Branch की Anti-Extortion Cell की हिरासत में भेज दिया।

इस मामले में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?

कुल 8: कोटा से पकड़े गए तीन शूटर, दिल्ली पुलिस Special Cell की ओर से पकड़े गए कुणाल, सुमित, राधा और बबीता, और शूटरों का अनिल पंडित से संपर्क करवाने वाला सोनीपत का एक व्यक्ति।

हमले में इस्तेमाल हथियार कहां से आया?

पुलिस के मुताबिक कुणाल और सुमित ने अनिल पंडित के बताए अमृतसर के एक 'डेड लेटर बॉक्स' से एक पिस्तौल और 20 कारतूस उठाए। राधा और बबीता 15 अक्टूबर को इन्हें ट्रेन से मुंबई ले गईं और 17 अक्टूबर को दादर में एक नाबालिग लड़के को बैग सौंपा। यही पिस्तौल फायरिंग में चली थी, यह अभी पक्का नहीं है और हथियार बरामद भी नहीं हुआ है।

क्या टाइगर श्रॉफ ही असली निशाना थे?

Crime Branch का दावा है कि शूटर पहले किसी और बड़े बॉलीवुड सितारे को निशाना बनाना चाहते थे, लेकिन कड़ी सुरक्षा के कारण उन्होंने टाइगर को चुना। पुलिस ने उस हस्ती का नाम नहीं बताया है और हमले का मकसद अभी जांच में है।

शूटर कैसे पकड़े गए?

वारदात के बाद वे अंधेरी में बाइक छोड़कर सूरत गए और जयपुर की ट्रेन पकड़ी। योजना दिल्ली होकर Nepal भागने की थी। 19 अक्टूबर सुबह 10:17 बजे कोटा स्टेशन पर Pune-Jaipur Superfast Express के जनरल कोच से कोटा पुलिस ने 15 मिनट के ऑपरेशन में उन्हें पकड़ लिया।

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