Jio IPO: देश का सबसे बड़ा ₹30,213 करोड़ का IPO आज खुला, प्राइस बैंड ₹1,065-1,119, लॉट 12 शेयर; एंकर से ₹8,110 करोड़ जुटाए, GMP 22%, 28 अक्टूबर को लिस्टिंग
रिलायंस की जियो प्लेटफॉर्म्स का ₹30,213 करोड़ का IPO 21 अक्टूबर को खुल गया है, जो भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO है। प्राइस बैंड ₹1,065-1,119 है, लॉट 12 शेयर (न्यूनतम ₹13,428) का है और इश्यू 23 अक्टूबर तक खुला रहेगा। लिस्टिंग 28 अक्टूबर को होगी। 212 एंकर निवेशकों से ₹8,109.84 करोड़ जुटाए गए और करीब ₹2.5 लाख करोड़ की बोलियां आईं। रिलायंस शेयरधारकों के लिए ₹2,500 करोड़ का कोटा है।

देश का सबसे बड़ा IPO आज खुला: Jio Platforms का ₹30,213 करोड़ का इश्यू
मुंबई, 21 अक्टूबर 2026: रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और टेलीकॉम कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO आज, बुधवार सुबह 10 बजे से खुल गया है। करीब ₹30,213 करोड़ का यह इश्यू भारत के इतिहास का सबसे बड़ा IPO है। इसने 2024 में आए हुंडई मोटर इंडिया के ₹27,870 करोड़ के IPO का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है।
इश्यू 23 अक्टूबर (शुक्रवार) तक खुला रहेगा। प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर तय है। करीब दो दशक में यह रिलायंस ग्रुप का पहला IPO है। इससे पहले रिलायंस का आखिरी IPO 2006 में आया था।
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IPO की पूरी डिटेल
- इश्यू साइज: करीब ₹30,213 करोड़ (ऊपरी प्राइस बैंड पर)
- इश्यू का प्रकार: पूरा फ्रेश इश्यू, यानी 27 करोड़ नए शेयर। कोई मौजूदा शेयरधारक अपने शेयर नहीं बेच रहा (कोई OFS नहीं)। ये शेयर इश्यू के बाद कंपनी की कुल इक्विटी का करीब 2.9% होंगे।
- प्राइस बैंड: ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर
- लॉट साइज: 12 शेयर, या 12 के गुणक में
- न्यूनतम निवेश: ऊपरी बैंड पर 1 लॉट = ₹13,428
- रिटेल की अधिकतम सीमा: ₹2 लाख तक, यानी 14 लॉट (168 शेयर) = ₹1,87,992
- खुलेगा: 21 अक्टूबर 2026, सुबह 10 बजे
- बंद होगा: 23 अक्टूबर 2026
- अलॉटमेंट: 26 अक्टूबर तक (संभावित)
- लिस्टिंग: 28 अक्टूबर 2026, BSE और NSE पर (संभावित)
- कंपनी का मूल्यांकन: ऊपरी बैंड पर करीब ₹10.3 लाख करोड़ (लगभग 108 अरब डॉलर)
किसके लिए कितना हिस्सा
- रिटेल निवेशक: कम से कम 35%
- क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB): अधिकतम 50%
- नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशक (HNI): कम से कम 15%
- रिलायंस के शेयरधारक: ₹2,500 करोड़ का अलग कोटा (करीब 2.23 करोड़ शेयर)
- कर्मचारी: ₹500 करोड़ का कोटा (करीब 46.9 लाख शेयर), और ₹54 प्रति शेयर की छूट
रिलायंस के शेयरधारकों के लिए खास: जिन लोगों के पास 14 अक्टूबर 2026 (RHP दाखिल करने की तारीख) को रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर थे, वे शेयरधारक कोटे में ₹2 लाख तक की बोली लगा सकते हैं। वे चाहें तो साथ में रिटेल कोटे में भी आवेदन कर सकते हैं, जिससे अलॉटमेंट की संभावना बढ़ सकती है।
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एंकर निवेशकों से ₹8,110 करोड़, ₹2.5 लाख करोड़ की बोलियां
IPO खुलने से पहले 19 अक्टूबर को जियो प्लेटफॉर्म्स ने 212 एंकर निवेशकों से ₹8,109.84 करोड़ जुटाए। एंकर बुक में करीब ₹2.5 लाख करोड़ की बोलियां आईं, जो पेशकश से 30 गुना से ज्यादा है। इतनी बड़ी एंकर मांग पाने वाला यह पहला भारतीय IPO है।
- एंकर प्राइस: ₹1,119 प्रति शेयर (ऊपरी बैंड), कुल 7.24 करोड़ शेयर अलॉट।
- विदेशी दिग्गज: ब्लैकरॉक, कैपिटल ग्रुप, फिडेलिटी, जेपी मॉर्गन, फ्रैंकलिन टेम्पलटन, सिंगापुर का GIC, नॉर्वे का नॉर्जेस बैंक, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी और कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी।
- सबसे बड़ा हिस्सा: LIC को ₹499.98 करोड़ के शेयर मिले।
- घरेलू म्यूचुअल फंड: SBI, ICICI प्रूडेंशियल, HDFC, आदित्य बिड़ला, निप्पॉन और कोटक जैसे फंड हाउस को कुल ₹2,784.96 करोड़ (एंकर बुक का 34.34%) के शेयर मिले।
पैसा कहां खर्च होगा
IPO से जुटाए पैसे में से ₹27,500 करोड़ तक का इस्तेमाल टेलीकॉम सब्सिडियरी रिलायंस जियो इन्फोकॉम का कर्ज चुकाने में होगा। बाकी पैसा सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों पर खर्च होगा। लिस्टिंग के बाद भी रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास जियो प्लेटफॉर्म्स की बहुमत हिस्सेदारी रहेगी। IPO से पहले रिलायंस के पास कंपनी के 66.43% शेयर थे।

कंपनी कितनी मजबूत: कमाई, मुनाफा और ग्राहक
| आंकड़ा | FY25 | FY26 |
|---|---|---|
| कुल आय (रेवेन्यू) | ₹1.28 लाख करोड़ | ₹1.47 लाख करोड़ |
| EBITDA | ₹64,170 करोड़ | ₹76,255 करोड़ |
| शुद्ध मुनाफा | ₹26,109 करोड़ | ₹30,049 करोड़ |
- ग्राहक: जून 2026 तक 53.33 करोड़। देश के करीब 60% वायरलेस डेटा ट्रैफिक जियो के नेटवर्क पर।
- स्पेक्ट्रम: देश का सबसे बड़ा स्पेक्ट्रम बैंक, 26,800.8 MHz।
- मार्जिन: EBITDA मार्जिन FY24 के 50.16% से बढ़कर FY26 में 51.91% हुआ।
- कर्ज: नेट डेट-टू-EBITDA अनुपात FY24 के 0.88 गुना से घटकर FY26 में 0.36 गुना रह गया।
- वैल्यूएशन: ऊपरी बैंड पर FY26 की कमाई के आधार पर P/E करीब 33-34 गुना, जबकि भारती एयरटेल का करीब 40 गुना।
आकाश अंबानी ने क्या कहा: कंपनी के MD आकाश अंबानी ने कहा कि अगला विकास तकनीक, AI और क्लाउड से आएगा। उन्होंने कहा, "जियो में कोई 'या तो यह, या वह' नहीं है। नेटवर्क ही हमारी तकनीक है।" उनके मुताबिक देश में अब भी करीब 26 करोड़ लोग 2G इस्तेमाल करते हैं और सिर्फ करीब 21% घरों में फिक्स्ड ब्रॉडबैंड है, यानी बढ़ने की काफी गुंजाइश है। सैटेलाइट कनेक्टिविटी और 6G भी कंपनी के भविष्य के फोकस में हैं।
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लिस्टिंग के बाद क्या बदलेगा
- चौथी सबसे मूल्यवान कंपनी: BSE की मौजूदा रैंकिंग के हिसाब से जियो प्लेटफॉर्म्स देश की चौथी सबसे मूल्यवान लिस्टेड कंपनी बन जाएगी, यानी रिलायंस (₹15.9 लाख करोड़), एयरटेल (₹11.2 लाख करोड़) और HDFC बैंक (करीब ₹11 लाख करोड़) के बाद। वह ICICI बैंक, SBI और TCS से आगे होगी।
- टाटा को पीछे छोड़ेगा रिलायंस ग्रुप: लिस्टिंग के बाद रिलायंस ग्रुप का कुल बाजार पूंजीकरण करीब ₹28.5 लाख करोड़ हो जाएगा, जो टाटा ग्रुप के ₹25.5 लाख करोड़ से ज्यादा है। इस तरह रिलायंस देश का सबसे मूल्यवान कारोबारी समूह बन जाएगा।
ग्रे मार्केट और ब्रोकरेज की राय
- GMP: अनौपचारिक ग्रे मार्केट में जियो के शेयर करीब ₹245-247 के प्रीमियम (करीब 22%) पर बताए जा रहे हैं। इस हिसाब से अनुमानित लिस्टिंग भाव करीब ₹1,364 बैठता है। ध्यान रहे, GMP अनौपचारिक और अटकलों पर आधारित होता है और लिस्टिंग के दिन असल भाव इससे काफी अलग हो सकता है।
- ब्रोकरेज: मोतीलाल ओसवाल ने "लिस्टिंग गेन और लंबी अवधि" के लिए सब्सक्राइब की सलाह दी है। श्रीराम रिसर्च ने मध्यम से लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सब्सक्राइब रेटिंग दी है। एमके ग्लोबल ने इश्यू को वाजिब कीमत वाला बताया है।
- जोखिम: ब्रोकरेज ने सरकारी नियम, प्रतिस्पर्धा, भारी पूंजी निवेश (कैपेक्स) की जरूरत और करीब 10.8% के ROCE जैसे पहलुओं पर नजर रखने को कहा है। जियो का ARPU (प्रति ग्राहक औसत कमाई) अभी एयरटेल से कम है।
कैसे करें आवेदन
- अपने बैंक के नेट बैंकिंग (ASBA) या ब्रोकर ऐप के IPO सेक्शन में जाएं और Jio Platforms चुनें।
- निवेशक श्रेणी चुनें: रिटेल, रिलायंस शेयरधारक या कर्मचारी।
- लॉट की संख्या (कम से कम 1 लॉट = 12 शेयर) डालें और कट-ऑफ प्राइस चुनें, ताकि अंतिम कीमत पर बोली मान्य रहे।
- UPI मैंडेट को अपने UPI ऐप में 23 अक्टूबर से पहले मंजूर करें, नहीं तो आवेदन रद्द हो सकता है।
- अलॉटमेंट का स्टेटस 26 अक्टूबर के आसपास रजिस्ट्रार या BSE/NSE की वेबसाइट पर देखा जा सकेगा।
(यह खबर सिर्फ जानकारी के लिए है, निवेश की सलाह नहीं। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है। निवेश से पहले कंपनी का RHP पढ़ें और अपने वित्तीय सलाहकार से बात करें।)
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Frequently asked questions
Jio IPO का प्राइस बैंड और लॉट साइज क्या है?
प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर है। एक लॉट में 12 शेयर हैं, यानी ऊपरी बैंड पर न्यूनतम निवेश ₹13,428 है। रिटेल निवेशक ₹2 लाख तक, यानी 14 लॉट (168 शेयर) तक आवेदन कर सकते हैं।
Jio IPO कब तक खुला है और लिस्टिंग कब होगी?
IPO 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर 2026 तक खुला है। अलॉटमेंट 26 अक्टूबर तक और लिस्टिंग 28 अक्टूबर को BSE और NSE पर संभावित है।
क्या रिलायंस के शेयरधारकों के लिए अलग कोटा है?
हां। 14 अक्टूबर 2026 तक रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर रखने वाले योग्य निवेशकों के लिए ₹2,500 करोड़ का कोटा है। वे इसमें ₹2 लाख तक बोली लगा सकते हैं और साथ में रिटेल कोटे में भी आवेदन कर सकते हैं।
Jio IPO का GMP कितना है?
अनौपचारिक ग्रे मार्केट में GMP करीब ₹245-247 (लगभग 22%) बताया जा रहा है। GMP अटकलों पर आधारित होता है और असल लिस्टिंग भाव इससे अलग हो सकता है।
IPO का पैसा कहां इस्तेमाल होगा?
₹27,500 करोड़ तक रिलायंस जियो इन्फोकॉम का कर्ज चुकाने में और बाकी सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों पर खर्च होगा। यह पूरा फ्रेश इश्यू है, कोई OFS नहीं।
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