Rubio-Jaishankar Talks: मुंबई में बोले अमेरिकी विदेश मंत्री- ट्रेड डील 'बहुत, बहुत करीब', कुछ ही मुद्दे बाकी; भारत-अमेरिका-UAE बैठक में ऊर्जा सुरक्षा पर चर्चा, जयशंकर ने तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण पर कहा धन्यवाद
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मंगलवार को मुंबई में विदेश मंत्री एस. जयशंकर से व्यापार, ऊर्जा, तकनीक और रक्षा पर बात की। रुबियो ने कहा कि ट्रेड डील 'बहुत, बहुत करीब' है और कुछ ही मुद्दे बाकी हैं। UAE के विदेश मंत्री के साथ त्रिपक्षीय बैठक में होर्मुज संकट के बीच ऊर्जा सुरक्षा पर चर्चा हुई। रुबियो ने 26/11 पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी, जयशंकर ने तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण पर धन्यवाद किया। बुधवार को रुबियो जामनगर जाएंगे।

मुंबई में रुबियो-जयशंकर की बातचीत: "ट्रेड डील पर हम बहुत, बहुत करीब"
मुंबई, 20 अक्टूबर 2026: अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मंगलवार को मुंबई में विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने व्यापार, ऊर्जा, तकनीक और रक्षा सहयोग पर बात की। रुबियो ने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील "बहुत, बहुत करीब" है और कुछ ही मुद्दे बाकी हैं।
रुबियो तीन दिन के भारत दौरे पर हैं। यह उनका इस साल का दूसरा भारत दौरा और पहला मुंबई दौरा है। दिन की शुरुआत उन्होंने होटल ताज पर 26/11 हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देकर की। बाद में UAE के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान के साथ तीनों देशों की त्रिपक्षीय बैठक भी हुई, जिसमें खाड़ी में जारी तेल संकट के बीच ऊर्जा सुरक्षा पर चर्चा हुई।
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ट्रेड डील: "कुछ ही मुद्दे बाकी, जल्द अच्छी खबर"
ताज मेमोरियल पर पत्रकारों से बातचीत में रुबियो ने कहा कि विदेश विभाग खुद व्यापार समझौते नहीं करता, लेकिन वे और अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार इसमें गहराई से जुड़े हैं:
"हम बहुत, बहुत करीब हैं। मैं कहूंगा कि समझौते पर अमल किए बिना जितना करीब हुआ जा सकता है, हम उतने करीब हैं। कुछ ही मुद्दे सुलझाने बाकी हैं, जो जल्द हो जाएंगे। उम्मीद है कि जल्द कोई अच्छी खबर देंगे और उसके बाद दस्तखत होंगे।" — मार्को रुबियो, अमेरिकी विदेश मंत्री
अब तक का सफर:
- अगस्त 2025: बातचीत टूटने के बाद अमेरिका ने ज्यादातर भारतीय सामान पर 50% तक टैरिफ लगा दिया था।
- फरवरी 2026: एक फ्रेमवर्क पर सहमति के बाद टैरिफ घटकर 18% हुआ, लेकिन फिर बातचीत अटक गई।
- इस महीने: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि बातचीत "ठहर" गई है, जबकि पिछले हफ्ते वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि डील का पहला चरण अंतिम दौर में है।
- भारत की मांग: भारत चाहता है कि उसका अंतिम टैरिफ वियतनाम जैसे प्रतिस्पर्धी मैन्युफैक्चरिंग देशों के बराबर हो।
जयशंकर बोले: व्यापार, तकनीक, निवेश और ऊर्जा में नए मौके
मुलाकात के बाद जयशंकर ने X पर लिखा:
"आज मुंबई में अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो से मिलकर खुशी हुई। हमने व्यापार, ऊर्जा, तकनीक, रक्षा और लोगों के आपसी संबंधों पर ध्यान देते हुए रिश्तों को आगे बढ़ाने पर विचार साझा किए। क्षेत्रीय घटनाक्रम पर भी बात हुई।" — एस. जयशंकर, विदेश मंत्री
'फ्रीडम 250' कार्यक्रम में जयशंकर ने कहा, "विश्व व्यवस्था बदल चुकी है। हर देश अपने राष्ट्रीय हित को आगे रखेगा। व्यापार, तकनीक, निवेश और ऊर्जा में हमारी साझेदारी के नए मौके इंतजार कर रहे हैं।"
रुबियो ने कहा कि भारत और अमेरिका अपने मूल राष्ट्रीय हितों पर पूरी तरह एकमत हैं। उन्होंने "सुपर इंटेलिजेंस" यानी उन्नत AI के दौर में तकनीक के फायदे बढ़ाने और खतरे कम करने पर भी दोनों देशों की साझा सोच की बात की।
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रूसी तेल और ऊर्जा: "भारत रिफाइनिंग सुपरपावर"
रूसी कच्चे तेल की खरीद पर सवाल के जवाब में रुबियो ने कहा कि भारत कई बार ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने की इच्छा जता चुका है:
"भारत ने बार-बार अपने ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने की इच्छा जताई है, जो समझदारी भरा कदम है। यह एक दिन में नहीं हो सकता। मुझे लगता है उन्होंने इसमें काफी प्रगति की है। आखिर में बात सिर्फ रूसी तेल की नहीं है, बात भारत की विविधता की इच्छा की है, और हम उसकी ऊर्जा जरूरतों का एक स्रोत बन सकते हैं।" — मार्को रुबियो
रुबियो ने बताया कि ऊर्जा के संभावित स्रोतों के तौर पर वेनेजुएला और दूसरे देशों पर भी चर्चा हुई। उन्होंने भारत को "रिफाइनिंग सुपरपावर" बताया और कहा कि वे रिलायंस के साथ वेनेजुएला के कच्चे तेल की प्रोसेसिंग पर बात करेंगे।
भारत-अमेरिका-UAE की त्रिपक्षीय बैठक: होर्मुज संकट पर चर्चा
जयशंकर और रुबियो ने UAE के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान के साथ त्रिपक्षीय बैठक भी की। शेख अब्दुल्ला सोमवार शाम दो दिन के भारत दौरे पर पहुंचे थे।
"भारत के विदेश मंत्री जयशंकर और UAE के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला से मिलकर क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा और हमारी साझा आर्थिक प्राथमिकताओं पर चर्चा करना बहुत अच्छा रहा।" — मार्को रुबियो
- होर्मुज जलडमरूमध्य: बताया जा रहा है कि तीनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति और होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी के आर्थिक असर पर भी विस्तार से बात की। दुनिया का करीब 20% पेट्रोलियम इसी रास्ते से गुजरता है और ईरान की नाकेबंदी से वैश्विक तेल सप्लाई बुरी तरह प्रभावित है।
- हूती हमले: हाल में हूतियों ने सऊदी अरब पर कई हमले किए हैं, जिनमें सऊदी की अहम ईस्ट-वेस्ट तेल पाइपलाइन भी निशाने पर रही। होर्मुज बंद होने के बाद यही पाइपलाइन सऊदी तेल निर्यात का अहम विकल्प बनी हुई है। भारत ने इन हमलों पर गंभीर चिंता जताई है और कहा है कि इनसे बाब-अल-मंदेब समुद्री रास्ते की सुरक्षा खतरे में पड़ती है।
- सऊदी में भारतीयों को सलाह: इसी बीच रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने सऊदी अरब में रह रहे भारतीयों को मौजूदा हालात में सावधानी बरतने की सलाह दी है।

26/11 को श्रद्धांजलि, तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण पर धन्यवाद
रुबियो ने मुंबई के ताज महल पैलेस होटल पर पुष्पचक्र अर्पित कर 26 नवंबर 2008 के आतंकी हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी। उस हमले में मारे गए 166 लोगों में छह अमेरिकी नागरिक भी थे। जयशंकर भी उनके साथ मौजूद रहे।
मुंबई स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बयान के मुताबिक रुबियो ने आतंकी नेटवर्क खत्म करने और 2008 के मुंबई हमले की साजिश में आरोपी लोगों समेत सभी दोषियों को सजा दिलाने के लिए ट्रंप प्रशासन की प्रतिबद्धता दोहराई।
जयशंकर ने इस कदम की सराहना की और हमले के अहम आरोपी तहव्वुर राणा को भारत प्रत्यर्पित करने के ट्रंप प्रशासन के फैसले का स्वागत किया:
"हम आतंकवाद के खिलाफ अपनी रक्षा के अधिकार को लेकर स्पष्ट हैं, और उम्मीद करते हैं कि हमारे साझेदार भी आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस दिखाएं।" — एस. जयशंकर
पाकिस्तान पर रुबियो: "रिश्ते से भारत की चिंताओं को रोकने में मदद"
एक इंटरव्यू में पाकिस्तान से अमेरिका के रिश्तों पर सवाल के जवाब में रुबियो ने कहा कि अमेरिका दुनिया में कहीं भी आतंकवाद और उसे प्रायोजित करने वालों के खिलाफ है, लेकिन पाकिस्तान से संपर्क रखना जरूरी है:
"पाकिस्तान एक ऐसा देश है जिससे हमें रिश्ता रखना ही होगा। उसके पास परमाणु हथियार हैं और भौगोलिक रूप से भी हमें उससे संपर्क रखना होगा, वैसे ही जैसे भारत सरकार के ईरान के नेताओं से रिश्ते हैं। अगर हमारा रिश्ता है और हम उनसे बात कर सकते हैं, तो शायद इससे हम उन चीजों को रोकने में मदद कर सकें जिनसे भारत चिंतित है।" — मार्को रुबियो
उन्होंने कहा कि अब वे सीनेटर नहीं, बल्कि विदेश मंत्री हैं और उन्हें उन देशों से भी रिश्ते संभालने होते हैं जिनसे असहमति है।
रिश्तों में खिंचाव के बीच दौरा
यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब भारत-अमेरिका रिश्तों में कई मुद्दों पर खिंचाव है:
- पिछले साल अमेरिका के दंडात्मक टैरिफ।
- मई 2025 के भारत-पाकिस्तान सैन्य टकराव को रुकवाने के राष्ट्रपति ट्रंप के दावे, जिन पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी।
- H-1B वीजा फीस में भारी बढ़ोतरी और नई इमिग्रेशन नीति।
- TCS और विप्रो जैसी भारतीय IT कंपनियों पर असर डालने वाले ग्रीन कार्ड प्रोसेसिंग कार्यक्रम पर रोक।
इसके बावजूद दोनों देशों के बीच रक्षा और तकनीक का सहयोग बढ़ रहा है। रुबियो ने भारत को सबसे बड़ा लोकतंत्र, अहम कारोबारी साझेदार और क्वाड का अहम सदस्य बताया। उन्होंने कहा कि जयशंकर इस साल चार बार अमेरिका जा चुके हैं, और दोनों देशों के बीच ऐसे उच्च-स्तरीय दौरे और बढ़ने चाहिए।
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आगे क्या
- बुधवार: रुबियो गुजरात के जामनगर जाएंगे, जहां वे रिलायंस इंडस्ट्रीज की तेल रिफाइनरियों का दौरा करेंगे।
- ट्रेड डील: दोनों पक्षों के मुताबिक कुछ ही मुद्दे बाकी हैं। अब नजर इस पर है कि डील का ऐलान कब होता है।
- कारोबारी प्रतिनिधिमंडल: रुबियो के साथ एक बड़ा अमेरिकी बिजनेस डेलिगेशन भी आया है, और आर्थिक रिश्ते बढ़ाना इस दौरे का अहम एजेंडा है।
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Frequently asked questions
रुबियो ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर क्या कहा?
रुबियो ने कहा, 'हम बहुत, बहुत करीब हैं। समझौते पर अमल किए बिना जितना करीब हुआ जा सकता है, हम उतने करीब हैं। कुछ ही मुद्दे बाकी हैं, जो जल्द सुलझ जाएंगे।'
रुबियो और जयशंकर के बीच किन मुद्दों पर बात हुई?
दोनों ने व्यापार, ऊर्जा, तकनीक, रक्षा और लोगों के आपसी संबंधों के साथ क्षेत्रीय घटनाक्रम पर चर्चा की। UAE के विदेश मंत्री के साथ त्रिपक्षीय बैठक में क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा पर बात हुई।
रूसी तेल पर रुबियो का क्या कहना है?
रुबियो ने कहा कि भारत ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाना चाहता है, जो समझदारी है, और इसमें काफी प्रगति हुई है। अमेरिका भारत की ऊर्जा जरूरतों का एक स्रोत बन सकता है। वेनेजुएला के तेल पर भी चर्चा हुई।
जयशंकर ने 26/11 और तहव्वुर राणा पर क्या कहा?
जयशंकर ने ताज होटल पर रुबियो के श्रद्धांजलि देने की सराहना की और तहव्वुर राणा को भारत प्रत्यर्पित करने के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि भारत उम्मीद करता है कि साझेदार आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस दिखाएं।
रुबियो का आगे का कार्यक्रम क्या है?
रुबियो बुधवार को गुजरात के जामनगर जाएंगे, जहां वे रिलायंस इंडस्ट्रीज की तेल रिफाइनरियों का दौरा करेंगे। यह उनका तीन दिन का भारत दौरा है।
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