Navratri Day 6: आज मां कात्यायनी की पूजा, बंगाल में महाषष्ठी से दुर्गा पूजा का मुख्य उत्सव शुरू; जानें पूजा विधि, भोग, मंत्र और आगे की तारीखें
शारदीय नवरात्र के छठे दिन, 16 अक्टूबर को आश्विन शुक्ल षष्ठी पर मां कात्यायनी की पूजा हो रही है। आज ही बंगाल में महाषष्ठी के साथ दुर्गा पूजा का मुख्य उत्सव शुरू हुआ। अष्टमी और नवमी की पूजा 19 अक्टूबर को और दशहरा 20 अक्टूबर को होगा।

आज नवरात्र का छठा दिन, मां कात्यायनी की पूजा
नई दिल्ली, 16 अक्टूबर 2026: शारदीय नवरात्र का आज छठा दिन है। आज शुक्रवार को आश्विन शुक्ल षष्ठी तिथि है और इस दिन मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा होती है। Hindustan Times ने भी Drik Panchang के हवाले से 16 अक्टूबर को नवरात्र का छठा दिन बताया है।
आज ही बंगाल और पूर्वी भारत में महाषष्ठी के साथ दुर्गा पूजा का मुख्य उत्सव शुरू हो रहा है। TV9 Bharatvarsh के मुताबिक बंगाल में दुर्गा पूजा का मुख्य उत्सव षष्ठी से दशमी तक चलता है।
कौन हैं मां कात्यायनी
Aaj Tak के मुताबिक महर्षि कात्यायन की पुत्री होने के कारण देवी का नाम कात्यायनी पड़ा। उनकी चार भुजाएं हैं, हाथों में अस्त्र-शस्त्र और कमल हैं और उनका वाहन सिंह है। उन्हें ब्रजमंडल की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है।
मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण को पति रूप में पाने की कामना से ब्रज की गोपियों ने मां कात्यायनी की उपासना की थी। इसी वजह से इनकी पूजा को विवाह से जुड़ी मनोकामनाओं के लिए खास माना जाता है।
मां कात्यायनी की पूजा विधि
Aaj Tak में बताई गई विधि के अनुसार:
- सबसे पहले हाथ में फूल लेकर देवी का ध्यान करें।
- पंचोपचार विधि से पूजा करें और मां को लाल फूल, अक्षत, कुमकुम और सिंदूर चढ़ाएं।
- मां को पीले फल और पीली मिठाई का भोग लगाएं।
- अंत में घी या कपूर का दीपक जलाकर आरती करें और मंत्र का जाप करें।
मां कात्यायनी का मंत्र
कात्यायनी महामाये, महायोगिन्यधीश्वरी। नन्दगोपसुतं देवी, पति मे कुरु ते नमः॥
Hindustan Times से बातचीत में ज्योतिषाचार्य Poonam Dutta ने कहा कि मां कात्यायनी का संदेश है कि अपनी समस्याओं का सामना करें और अन्याय को चुपचाप सहने के बजाय अपने मूल्यों की रक्षा करें।
देश भर में नवरात्र के अलग-अलग रंग
TV9 Bharatvarsh की रिपोर्ट के मुताबिक देवी आराधना का यह पर्व हर राज्य में अलग नाम और परंपरा के साथ मनाया जाता है:
- West Bengal: दुर्गा पूजा। भव्य पंडाल, कलात्मक मूर्तियां और थीम सजावट। Kolkata की दुर्गा पूजा को 2021 में UNESCO की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सूची में शामिल किया गया।
- Tamil Nadu: बोम्मई गोलू, जिसमें घरों में सीढ़ीनुमा चबूतरों पर गुड़ियों की झांकी सजती है।
- Andhra Pradesh: बोम्माला कोलुवु। Telangana: बथुकम्मा, जिसमें महिलाएं फूलों की परतों से देवी गौरी की प्रतिमा बनाती हैं।
- Kerala: विद्यारंभम, जिसमें बच्चे देवी सरस्वती के सामने पहला अक्षर लिखना सीखते हैं।
- Karnataka: प्रसिद्ध मैसूरु दशहरा, जो देवी चामुंडेश्वरी की महिषासुर पर विजय से जुड़ा है।
- Gujarat: गरबा और डांडिया की रातें।
आगे की तारीखें
पंचांग गणना के आधार पर पहले प्रकाशित रिपोर्टों के मुताबिक इस बार अष्टमी और नवमी की पूजा 19 अक्टूबर (सोमवार) को एक साथ होगी, और दशहरा 20 अक्टूबर (मंगलवार) को मनाया जाएगा। अष्टमी तिथि 18 अक्टूबर सुबह 8:27 बजे शुरू होगी, लेकिन उस दिन सूर्योदय के समय सप्तमी रहेगी, इसलिए उदया तिथि के नियम से अष्टमी 19 अक्टूबर को मानी जाएगी। अलग-अलग पंचांगों में समय में थोड़ा अंतर हो सकता है, इसलिए स्थानीय पंचांग से पुष्टि कर लें।
निष्कर्ष
नवरात्र के छठे दिन आज मां कात्यायनी की पूजा हो रही है और बंगाल में महाषष्ठी के साथ दुर्गा पूजा का मुख्य उत्सव शुरू हो गया है। पीले भोग, लाल फूल और मंत्र जाप के साथ भक्त देवी की आराधना कर रहे हैं। अष्टमी-नवमी का कन्या पूजन 19 अक्टूबर को और दशहरा 20 अक्टूबर को होगा।
यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और पंचांग पर आधारित है, जैसा कि ऊपर बताए गए स्रोतों में प्रकाशित हुआ है।
Frequently asked questions
नवरात्र के छठे दिन किस देवी की पूजा होती है?
नवरात्र के छठे दिन मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा होती है। 2026 में यह दिन 16 अक्टूबर, शुक्रवार को है।
मां कात्यायनी को क्या भोग लगाएं?
Aaj Tak के मुताबिक मां कात्यायनी की पूजा में पीले फल और पीली मिठाई का भोग लगाने का विशेष महत्व माना गया है, साथ में लाल फूल, अक्षत, कुमकुम और सिंदूर चढ़ाए जाते हैं।
मां कात्यायनी का नाम कैसे पड़ा?
मान्यता है कि महर्षि कात्यायन की पुत्री होने के कारण देवी का नाम कात्यायनी पड़ा। उन्हें ब्रजमंडल की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है।
महाषष्ठी क्या है?
बंगाल और पूर्वी भारत में दुर्गा पूजा का मुख्य उत्सव षष्ठी से दशमी तक चलता है। षष्ठी के दिन से यह मुख्य उत्सव शुरू होता है, जो 2026 में 16 अक्टूबर को है।
अष्टमी, नवमी और दशहरा कब हैं?
पंचांग गणना के मुताबिक अष्टमी और नवमी की पूजा 19 अक्टूबर को एक साथ होगी और दशहरा 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा।
Sources
- Aaj Tak — नवरात्र के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा, जानें पूजन विधि और आरती
- Hindustan Times — Navratri Day 6 2026: Know the date, and timing
- Hindustan Times — Panchang Today, October 16, 2026: Shukla Shashthi under Jyeshtha Nakshatra
- TV9 Bharatvarsh — तेलंगाना में बाथुकम्मा, तमिलनाडु में बोम्मई गोलू… दक्षिण भारत में दुर्गा पूजा के कितने नाम?
- Aaj Tak — अष्टमी-नवमी क्या एक ही दिन हैं? 18 या 19 अक्टूबर का कन्फ्यूजन खत्म
- Photo: File:Katyayani Shakti Devi.jpg — Aliva Sahoo, CC BY-SA 3.0 (Wikimedia Commons)
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