प्रयागराज अधिवक्ता हत्याकांड: नए वीडियो में दिखीं 3 महिलाएं, आरोपी देवेंद्र मिश्रा के शस्त्र लाइसेंस पर 22 अक्टूबर को सुनवाई; बेटा और पत्नी अब भी फरार, सपा ने सरकार को घेरा
प्रयागराज के सलोरी में 15 अक्टूबर को जमीन विवाद में अधिवक्ता सतीश चंद्र श्रीवास्तव की गोली मारकर हत्या के मामले में नया वीडियो सामने आया है, जिसमें तीन महिलाएं दिख रही हैं। मुख्य आरोपी AGA देवेंद्र नाथ मिश्रा और बेटा नृपेंद्र जेल में हैं, जबकि बेटा अमरेंद्र और पत्नी शैल मिश्रा फरार हैं। DM ने देवेंद्र को 22 अक्टूबर को शस्त्र लाइसेंस रद्द करने पर पक्ष रखने का नोटिस दिया है। सपा के MLC प्रत्याशी ने परिवार से मिलकर कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए।

प्रयागराज अधिवक्ता हत्याकांड: नया वीडियो आया, आरोपी के शस्त्र लाइसेंस पर 22 अक्टूबर को सुनवाई
प्रयागराज, 20 अक्टूबर 2026: प्रयागराज के सलोरी में अधिवक्ता सतीश चंद्र श्रीवास्तव की गोली मारकर हत्या के मामले में एक और वीडियो सामने आया है। 13 सेकेंड के इस फुटेज में तीन महिलाएं सतीश के मकान की ओर से आती दिख रही हैं। दावा किया जा रहा है कि इनमें से एक मुख्य आरोपी देवेंद्र नाथ मिश्रा की पत्नी शैल मिश्रा हैं, जो इस केस में नामजद हैं और अभी फरार हैं। हालांकि वीडियो में दिख रही महिलाओं की पहचान की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
उधर, जिला प्रशासन ने मुख्य आरोपी देवेंद्र नाथ मिश्रा के घर पर नोटिस चस्पा कर दिया है। उन्हें 22 अक्टूबर को DM कोर्ट में पेश होकर बताना है कि उनका शस्त्र लाइसेंस रद्द क्यों न किया जाए। मामले में सियासत भी तेज है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बाद अब सपा के MLC प्रत्याशी ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
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15 अक्टूबर को क्या हुआ था
वारदात 15 अक्टूबर (गुरुवार) को कर्नलगंज थाना क्षेत्र के सलोरी स्थित काटजू बाग कॉलोनी में हुई। पुलिस के मुताबिक सतीश और देवेंद्र के बीच नजूल की संपत्ति पर कब्जे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था और दोनों पक्ष पहले भी एक-दूसरे पर मुकदमे दर्ज करा चुके थे।
- कौन थे सतीश: 52 साल के सतीश चंद्र श्रीवास्तव जिला एवं सत्र न्यायालय में अधिवक्ता थे और ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज में लैब अटेंडेंट भी थे। परिवार में पत्नी वर्षा और दो बेटियां हैं।
- कौन है मुख्य आरोपी: देवेंद्र नाथ मिश्रा उर्फ झून्ने हाईकोर्ट में अपर शासकीय अधिवक्ता (AGA) हैं। उन्हें BJP विधि प्रकोष्ठ, काशी प्रांत का पूर्व संयोजक बताया जाता है। दोनों के घर कॉलोनी में आमने-सामने हैं।
- पुलिस का पक्ष: DCP सिटी सागर जैन के मुताबिक गुरुवार सुबह करीब 11:45 बजे देवेंद्र विवादित संपत्ति पर पहुंचे और वहां सतीश की ओर से लगाया गया ताला तोड़ दिया। इसके बाद दोनों पक्षों में झगड़ा हुआ और फायरिंग में सतीश के पेट में गोली लगी।
- अस्पताल: सतीश को पहले राज नर्सिंग होम और फिर SRN अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
यह वारदात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयागराज पहुंचने से कुछ देर पहले हुई थी।
पत्नी का आरोप: "बेटों ने कहा- पापा, इसे जान से मार दो"
सतीश की पत्नी वर्षा श्रीवास्तव ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि सुबह करीब 11 बजे देवेंद्र नाथ मिश्रा, उनके बेटे अमरेंद्र नाथ मिश्रा और नृपेंद्र (निपेंद्र) नाथ मिश्रा, पत्नी शैल मिश्रा समेत 8-10 लोग सीढ़ी लगाकर बाउंड्री से घर में घुसे और मुख्य गेट का ताला तोड़ दिया।
"देवेंद्र के दोनों बेटों ने कहा कि पापा, इसे जान से मार दो, नहीं तो यह हमेशा दिक्कत देगा। इसके बाद देवेंद्र ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर निकालकर मेरे पति सतीश के पेट में गोली मार दी।" — वर्षा श्रीवास्तव, मृतक की पत्नी
- लूटपाट और तोड़फोड़ का आरोप: वर्षा ने घर में तोड़फोड़, आगजनी और लूटपाट का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि आरोपी कीमती सामान और दो मोबाइल फोन ले गए।
- जमीन का विवाद: वर्षा के मुताबिक यह जमीन उन्हें 2017 में एक ट्रस्ट से आवंटित हुई थी। पुराने परिचय के चलते सतीश ने देवेंद्र को वहां गाड़ी खड़ी करने दी थी, लेकिन बाद में कब्जे की कोशिश शुरू हो गई। करीब एक साल से विवाद चल रहा था।
- पहले की शिकायतें: वर्षा का कहना है कि उन्होंने घटना से पहले मुख्यमंत्री, DCP, ACP समेत कई अधिकारियों से शिकायत की थी और सुरक्षा मांगी थी, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
- पुलिस पर आरोप: वर्षा का आरोप है कि उनके पति को पुलिस की मौजूदगी में गोली मारी गई।
ध्यान रहे, ये सभी आरोप हैं और इनकी जांच चल रही है। किसी भी आरोपी का दोष अदालत में ही तय होगा।
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वीडियो में क्या दिखा
हत्याकांड से जुड़े कई वीडियो अब तक सामने आ चुके हैं, जिनसे घटनाक्रम के अलग-अलग पहलू सामने आए हैं:
- 59 सेकेंड का वीडियो: इसमें 9-10 लोग चेहरे पर गमछा या कपड़ा बांधकर एक कमरे में घुसते दिखते हैं। इनमें ज्यादातर ने काले कोट पहन रखे हैं। कमरे में हाथापाई के बाद सड़क पर दोनों पक्षों में लाठी-डंडों से मारपीट होती है। इसी दौरान पीली टी-शर्ट पहने सतीश, देवेंद्र के सिर पर रॉड से वार करते दिखते हैं और देवेंद्र पीछे गिरते हैं। इसके बाद रिवॉल्वर से गोली चलती है, जो सतीश के पेट में लगती है। वीडियो में सतीश की बेटी वैशाली पिता की ओर दौड़ती और चीखती दिखती हैं। पास में एक पुलिसकर्मी भी नजर आता है।
- 16 सेकेंड का वीडियो: इसमें देवेंद्र एक अन्य व्यक्ति के साथ पिस्टल लिए एक युवक को पकड़कर ले जाते दिखते हैं, जो पकड़े जाने के बाद पिस्टल फेंक देता है। युवक की पहचान और उसकी भूमिका की अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने इस वीडियो की जांच कराने की बात कही है।
- डेढ़ मिनट का वीडियो: इसमें दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की और मारपीट दिखती है। मौके पर ईश्वर शरण चौकी प्रभारी विनय यादव और उनका हमराही भी नजर आते हैं, जिसके बाद पुलिस की भूमिका पर सवाल उठे हैं।
- नया 13 सेकेंड का वीडियो (सोमवार): इसमें तीन महिलाएं भागती दिख रही हैं। नए फुटेज के बाद सामने आया है कि घटना के दिन विवाद करीब 1 घंटा 7 मिनट तक चला। पहले फुटेज में विवाद की शुरुआत सुबह 10:43 बजे के आसपास बताई गई थी, जबकि नया वीडियो सुबह 11:50 बजे का बताया जा रहा है।
गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई
- गिरफ्तार: मुख्य आरोपी देवेंद्र नाथ मिश्रा और बेटा नृपेंद्र मिश्रा गिरफ्तार होकर जेल भेजे जा चुके हैं।
- फरार: दूसरा बेटा अमरेंद्र मिश्रा और पत्नी शैल मिश्रा अब तक फरार हैं। ACP कर्नलगंज विवेक यादव के मुताबिक उनकी तलाश में टीमें लगाई गई हैं और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
- FIR: 4 नामजद समेत कुल 14 लोगों पर FIR दर्ज है, जिनमें 8-10 अज्ञात हैं। वीडियो और CCTV फुटेज से अज्ञात आरोपियों की पहचान की जा रही है।
- हथियार: वारदात में इस्तेमाल लाइसेंसी रिवॉल्वर बरामद कर ली गई है। मुकदमे में आर्म्स एक्ट की धारा 30 (शस्त्र लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन) भी जोड़ी गई है।
- लाइसेंस: पुलिस की रिपोर्ट पर DM ने देवेंद्र का शस्त्र लाइसेंस निलंबित कर दिया है। अब इसे रद्द करने की प्रक्रिया चल रही है। सोमवार को उनके घर पर नोटिस चस्पा किया गया, जिसमें कहा गया है कि हत्या में लाइसेंसी हथियार इस्तेमाल कर उन्होंने लाइसेंस की शर्तें तोड़ी हैं। 22 अक्टूबर को पक्ष न रखने पर आगे की कार्रवाई हो सकती है।
परिवार ने 4 घंटे तक नहीं किया था अंतिम संस्कार
हत्या के बाद गुस्साए परिजन और वकील शव लेकर SRN अस्पताल से बाहर निकल आए और सड़क पर प्रदर्शन किया। DCP सिटी के आश्वासन के बाद शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।
परिवार ने आर्थिक मदद, दोनों बेटियों को सरकारी नौकरी, सभी आरोपियों की गिरफ्तारी, क्रॉस FIR दर्ज न करने और आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलाने की मांग रखी। वर्षा का कहना था कि सतीश परिवार में कमाने वाले इकलौते सदस्य थे। शुक्रवार दोपहर करीब 2:30 बजे शव घर पहुंचा, लेकिन परिजनों ने अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया। करीब चार घंटे बाद शाम 6:30 बजे, दो आरोपियों की गिरफ्तारी और बाकी मांगों पर कार्रवाई के आश्वासन के बाद परिवार अंतिम संस्कार के लिए राजी हुआ।
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सियासत गरमाई: अखिलेश बोले- "नारी के श्राप से कोई नहीं बच पाया"
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने 16 अक्टूबर को अपने X हैंडल पर मृतक की पत्नी का वीडियो साझा किया। इसमें वर्षा कहती दिखती हैं कि उन्होंने घटना से पहले कई बार शिकायत की थी, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
"हमारे देश में नारी के श्राप से कोई भी नहीं बच पाया है, वो अपने को चाहे कितना भी बड़ा और महत्वपूर्ण समझे।" — अखिलेश यादव, सपा प्रमुख
अखिलेश ने आरोप लगाया कि घर उजाड़ने, फर्जी एनकाउंटर कराने और वर्चस्व के लिए PDA समाज का उत्पीड़न करने वाली राजनीति जनता को स्वीकार नहीं है।
सपा प्रत्याशी पहुंचे परिवार के पास: अब इलाहाबाद-झांसी खंड निर्वाचन क्षेत्र से सपा के MLC प्रत्याशी डॉ. मान सिंह यादव ने कायस्थ समाज की बैठक में पीड़ित परिवार से मुलाकात की। बैठक में सतीश की बहन और बेटी भी मौजूद रहीं और दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।
- उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के प्रयागराज आने के बावजूद पीड़ित परिवार से मिलकर सांत्वना नहीं दी गई।
- उन्होंने सरकार के अपराध पर 'जीरो टॉलरेंस' के दावे पर सवाल उठाए।
- उन्होंने भरोसा दिलाया कि परिवार की बात अखिलेश यादव तक पहुंचाई जाएगी और जरूरत पड़ने पर बेटियों की मदद की जाएगी।
आगे क्या
- 22 अक्टूबर: DM कोर्ट में देवेंद्र नाथ मिश्रा के शस्त्र लाइसेंस को रद्द करने पर सुनवाई।
- फरार आरोपी: अमरेंद्र और शैल मिश्रा की गिरफ्तारी, और वीडियो में दिखे अज्ञात लोगों व पिस्टल वाले युवक की पहचान।
- पुलिस की भूमिका: मारपीट के दौरान मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने क्या कदम उठाए, यह जांच का अहम सवाल है।
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Frequently asked questions
प्रयागराज में अधिवक्ता सतीश श्रीवास्तव की हत्या कब और कैसे हुई?
15 अक्टूबर 2026 को कर्नलगंज थाना क्षेत्र के सलोरी स्थित काटजू बाग कॉलोनी में नजूल संपत्ति के विवाद में झगड़े के दौरान सतीश चंद्र श्रीवास्तव के पेट में गोली लगी। SRN अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस मामले में कौन-कौन आरोपी है?
मृतक की पत्नी वर्षा की तहरीर पर देवेंद्र नाथ मिश्रा उर्फ झून्ने, उनके बेटे अमरेंद्र और नृपेंद्र, पत्नी शैल मिश्रा समेत 4 नामजद और 8-10 अज्ञात, कुल 14 लोगों पर FIR दर्ज है।
अब तक कितनी गिरफ्तारी हुई है?
मुख्य आरोपी देवेंद्र नाथ मिश्रा और बेटा नृपेंद्र मिश्रा गिरफ्तार होकर जेल भेजे जा चुके हैं। अमरेंद्र मिश्रा और शैल मिश्रा अभी फरार हैं।
आरोपी के शस्त्र लाइसेंस पर क्या कार्रवाई हुई?
वारदात में इस्तेमाल लाइसेंसी रिवॉल्वर बरामद हो गई है और DM ने लाइसेंस निलंबित कर दिया है। देवेंद्र को 22 अक्टूबर को DM कोर्ट में बताना है कि लाइसेंस रद्द क्यों न किया जाए।
अखिलेश यादव ने इस मामले पर क्या कहा?
अखिलेश यादव ने मृतक की पत्नी का वीडियो साझा कर लिखा, 'हमारे देश में नारी के श्राप से कोई भी नहीं बच पाया है, वो अपने को चाहे कितना भी बड़ा और महत्वपूर्ण समझे।'
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